एशिया की सबसे बड़ी 1500 मेगावाट जल विद्युत परियोजना अब सूर्य ताप से विद्युत उत्पादन शुरू करेगी। पूर्व में जहां परियोजना स्थल झाकड़ी के सर्जशाफ्ट में प्रोजेक्ट की ओर से 200 किलोवाट सौर संयंत्र स्थापित किया था, वहीं अब एसजेवीएन बधाल में भी सौर विद्युत उत्पादन शुरू करने जा रहा है। जल्द ही परियोजना इसका कार्य शुरू करेगी।
नाथपा झाकड़ी जल विद्युत परियोजना की ओर से रामपुर उपमंडल के बधाल क्षेत्र में एक मेगावाट की क्षमता वाला सौर संयंत्र स्थापित करेगा। इस संयंत्र पर करीब छह करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। दो एकड़ भूमि पर स्थापित किए जा रहे इस संयंत्र से एसजेवीएन जहां परियोजना क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति करेगा, वहीं झाकड़ी परियोजना इससे कोटला सब स्टेशन को भी विद्युत आपूर्ति देने की योजना बना रही है। पूर्व में परियोजना की ओर से झाकड़ी परियोजना सर्जशाफ्ट में 200 किलोवाट की क्षमता वाला सौर संयंत्र स्थापित कर चुकी है और 6-6 किलोवाट के संयंत्र विभिन्न कार्य स्थलों पर स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा परियोजना प्रबंधन सर्जशाफ्ट में 70 किलोवाट तक बढ़ाने का कार्य भी कर रहा है। प्रोजेक्ट अब सौर संयंत्र से भी अच्छी खासी कमाई करेगा।
सूर्य ताप से विद्युत उत्पादन की क्षमता : संजय
नाथपा झाकड़ी जल विद्युत परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक संजय सूद ने बताया कि क्षेत्र में सूर्य ताप से विद्युत उत्पादन की अपार संभावनाओं को देखते हुए बधाल में एक मेगावाट की क्षमता वाला सोलर प्लांट स्थापित किया जाएगा। दो एकड़ भूमि पर स्थापित किए जा रहे इस प्लांट पर करीब छह करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। झाकड़ी स्थित सर्जशाफ्ट में सौर संयंत्र की क्षमता भी 70 किलोवाट तक बढ़ाई जा रही है।