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ठंड से जमने लगे जल स्रोत

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रामपुर बुशहर। सर्दियों में ठंड बढ़ने से प्राकृतिक स्रोत जाम होने शुरू हो गए हैं। इससे पेयजल आपूर्ति में काफी कमी आई है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल समस्या गहराने लगी है। बारिश न होने से भी कई जगह जल स्रोत सूखने की कगार पर हैं। सर्दियों के मौसम में आईपीएच विभाग को भी दोहरी मार से जूझना पड़ता है। एक तरफ प्राकृतिक स्रोत तापमान लुढ़कने से जम रहे, दूसरी तरफ पानी की मात्रा कम होने से आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
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रामपुर उपमंडल के ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक जल स्रोतों में 30 प्रतिशत तक पानी की गिरावट आई है, जिससे आने वाले समय में पेयजल आपूर्ति प्रभावित होना तय है। यदि इसी तरह से ठंड बढ़ती रही और बादल नहीं बरसे तो मुश्किल और बढ़ जाएगी। नगर परिषद रामपुर के तहत आने वाले खनेरी, चूहाबाग, कल्याणपुर और रचोली में समेज-रामपुर पेयजल योजना फेस 2 से पेयजल आपूर्ति होती है। बीती बरसात में इस पेयजल योजना की लाइनों के टूटने से इन क्षेत्रों के लोगों को पेयजल आपूर्ति की समस्या से जूझना पड़ रहा है। हालांकि विभाग लाइनों को ठीक कर पानी को रिस्टोर करने में जुटा हुआ है। झाकड़ी के साथ लगती ब्रौनी खड्ड में जल स्रोत 40 प्रतिशत तक कम हो गया है। बाजवा उठाऊ पेयजल योजना में भी जल स्तर काफी कम हो गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल समस्या गहराने लगी है।

लाइन टूटने आपूर्ति प्रभावित : पीपी
आईपीएच विभाग रामपुर के एसडीओ पीपी शर्मा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के जल स्रोतों से करीब 30 प्रतिशत तक पानी की आपूर्ति कम हुई है। विभाग लोगों को पेयजल मुहैया करवाने की पूरी कोशिश कर रहा है। समेज-रामपुर पेयजल योजना की लाइनें टूटने से शहर में जल आपूर्ति में दिक्कतें आई हैं। तीन से चार दिनों में लोगों को सुचारु पेयजल आपूर्ति कर दी जाएगी।
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