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अब पीजी कॉलेज ग्राउंड में नहीं सजेगा लवी मेला

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अमर उजाला ब्यूरो
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रामपुर बुशहर/ज्यूरी।
रामपुर के पाठबंगला पीजी कॉलेज ग्राउंड में अगली बार लवी मेला नहीं सजेगा। हाईकोर्ट ने आखिरी बार कॉलेज मैदान को लवी मेले के आयोजन के लिए परमिशन दी है। अगले साल यानी 2018 में लवी मेले के लिए दूसरा स्थान ढूंढना पड़ेगा।

2018 में अंतरराष्ट्रीय लवी मेले को दूसरी जगह स्थानांतरित करवाना पड़ेगा। इसके लिए प्रशासन ने खनेरी के पास जगह चिन्हित की है। पहली बार 1984 में लवी मेला रामपुर के पाठबंगला में पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित किया गया। 1985 में लवी मेले को अंतरराष्ट्रीय मेले का दर्जा मिलने के बाद आज तक कॉलेज मैदान में ही मेले का मुख्य आयोजन होता आया है।
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पिछले साल से हाईकोर्ट ने शिक्षण संस्थानों में स्कूली कार्यक्रम के अलावा किसी भी आयोजन पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है। जिला प्रशासन की अपील पर हाईकोर्ट ने एक वर्ष की ही परमिशन दी है। रामपुर के ब्वॉय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में जहां लवी मेले के उपलक्ष्य पर रात्रि संध्या का कार्यक्रम आयोजित होता था, उस पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। मेला कमेटी को रात्रि संध्या का कार्यक्रम भी इस बार कॉलेज मैदान में ही करवाना पड़ रहा है।

रामपुर पाठबंगला के निवासी बुजुर्ग किशोरी लाल शर्मा ने बताया कि 1957-58 में तत्कालीन उप राज्यपाल बजरंग बहादुर सिंह ने पाठबंगला में मैदान का निर्माण करवाया था। बजरंग बहादुर ने सड़क से निकलने वाले मलबे को इस जगह डलवा कर इसको तीन दिन में मैदान की शक्ल दी थी। यहां पर जय बिहारी लाल खाची और राजा पद्म की टीम में पहला मैच खेला गया था।
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किशोरी शर्मा ने बताया कि पहले यह मेला खेकसु में होता था।पीजी कॉलेज रामपुर के प्रिंसिपल पीसी कश्यप ने बताया कि शिक्षण संस्थान में किसी भी मेला या कार्यक्रम करवाने की मनाही है। सचिव एवं उपमंडल अधिकारी लवी मेला कमेटी निपुण जिंदल ने बताया कि लवी मेले के आयोजन के लिए बाजार से बाहर जगह चिन्हित कर ली है। 
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