कुमारसैन (रामपुर बुशहर)। नारकंडा के एतिहासिक हाटू माता मदिर में रविवार को दो दिवसीय बिशू मेला शुरू हुआ। क्षेत्र के आराध्य देव श्री डोम देवता शरमला अपने करिंदो संग शनिवार देर शाम को ही पहुंच गए हैं।
देव परंपरा अनुसार रविवार को हाटू माता और डोम देवता की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद मदिर परिसर मे डोम देवता की भव्य जातर का आयोजन किया गया। मेले में मुख्य आकर्षण चोल्टु नृत्य रहा। इसमें देवलुओं ने देवता महाराज की पालकी के साथ प्राचीन बिशु मेला प्रस्तुत किया। मेले में शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त किया। शिक्षा मंत्री ने देव नर्तक दल शरमला के चोल्टु नर्तक दल के साथ नाटी डाली। उन्होंने कहा कि मेले हमारी प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर हैं और आपसी भाईचारे को बढ़ाने में सहायक होते हैं। मंदिर कमेटी के प्रधान भूपेंद्र कंवर ने बताया कि मंदिर की प्रतिष्ठा के कई वर्षों के बाद क्षेत्रवासियों की सुख समृद्धि और खुशहाली के लिए मेले का आयोजन किया गया है। यातायात व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने के लिए पुलिस के सहयोग के लिए मदिर कमेटी ने आभार प्रकट किया।
इस अवसर पर जिला महासू अध्यक्ष अजय श्याम, ठियोग कुमारसैन मंडल अध्यक्ष दुनीचंद, ग्राम पंचायत जदूण प्रधान जोगेंद्र श्याम, लाल चंद डोगरा, पवन किमटा, रमेश राजटा, नीरज गुप्ता, पूनम, उमेश शर्मा, विपिन जिश्टु उपस्थित रहे।