रामपुर बुशहर। चार जिलों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने वाले खनेरी अस्पताल की हालत इन दिनों ग्रामीण क्षेत्र के पीएचसी से भी बदतर बनी हुई है। जहां मरीज पहले ही डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे हैं, वहीं अब अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के लिए चलने वाली 102 और 108 एंबुलेंस सेवाएं ठप पड़ गई हैं। ऐसे में लोगों को इन सेवाओं का लाभ न मिलने से खासी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
बुधवार को अस्पताल में जहां दिन भर मरीज एंबुलेंस के लिए भटकते रहे, वहीं गर्भवती महिलाएं अपने खर्चे पर घर पहुंचीं। इतना ही नहीं, कई गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने के लिए 102 एंबुलेंस सेवा की मांग होती रही, लेकिन सेवा न मिलने की दो टूक बात कही गई। यही हाल 108 एंबुलेंस सेवा का भी रहा। दोनों ही सेवाएं दे रहे एंबुलेंस चालक हड़ताल पर चले गए हैं। हड़ताल पर गए चालकों के कारण इस आवश्यक सेवा पर ब्रेक लग गई। एंबुलेंस सेवा मुहैया करवा रही कंपनी प्रबंधन का कहना है कि चालकों ने बिना सूचना के हड़ताल शुरू कर दी है, जिसकी पूर्व में कोई सूचना नहीं दी गई। ऐसा होने से न केवल रामपुर बल्कि जहां पर भी ये सुविधा चल रही है, वहां पर दिन भर मरीज परेशान होते रहे। खनेरी अस्पताल में शिमला, किन्नौर, मंडी और कुल्लू जिले से लोग उपचार को पहुंचते हैं। ऐसे में इन दोनों एंबुलेंस सेवाओं की काफी जरूरत रहती है। जहां दिन में आधा दर्जन से अधिक गर्भवती महिलाएं अस्पताल से डिस्चार्ज होती हैं वहीं 108 एंबुलेंस सेवाओं की सुविधा दर्जनों लोग लेते हैं। बिना सूचित किए इस तरह की हड़ताल होने से लोग काफी परेशान हैं।
खनेरी अस्पताल के एमएस सुनील शर्मा ने कहा कि अस्पताल में मरीज एंबुलेंस सेवा न मिलने से अस्पताल प्रबंधन के पास पहुंच रहे हैं। प्रबंधन को यह जानकारी भी नहीं है कि ये सुविधाएं कब तक बंद रहेगी। सबसे ज्यादा परेशानी गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों और गर्भवती महिलाओं को पेश आ रही है। 108 एंबुलेंस सेवा के समन्वयक आकाशदीप ने बताया कि 108 और 102 एंबुलेंस के चालक हड़ताल पर चले गए हैं। संबंधित चालकों से बात की जा रही है।