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नारकंडा में सिरे नहीं चढ़ा आईडीएसएमटी प्रोजेक्ट

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अनिल कंवर
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कुमारसैन(रामपुर बुशहर)।
पर्यटन नगरी नारकंडा का इंटीग्रेटिड डेवलपमेंट स्माल एंड मीडियम टाउन (आईडीएसएमटी) प्रोजेक्ट का निर्माण 15 वर्ष बाद भी शुरू नहीं हो पाया है। इस योजना के तहत नारकंडा में पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुविधाओं को देखते हुए शॉपिंग कॉम्पलेक्स, पार्किंग और कैफेटेरिया बनाने का प्रस्ताव था। हालांकि इस प्रोजेक्ट के निर्माण को लेकर लोक निर्माण विभाग को धनराशि भी मुहैया करवाई लेकिन अभी तक परियोजना कार्य ठंडे बस्ते में है।

गौरतलब है कि 2002 में यह प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ था। इस प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए सरकार की ओर से एक करोड़ 36 लाख रुपये भी स्वीकृत किए गए थे। मई 2007 में प्रोजेक्ट का शिलान्यास तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने किया था। विडंबना है कि शिलान्यास के बाद इस प्रोजेक्ट के निर्माण पर एक भी नया पत्थर विभाग नहीं लगा पाया। शिलान्यास स्थल पर केवल शिलान्यास पट्टी ही दिखाई पड़ रही है। इस प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए 2002 में केंद्र सरकार की ओर से 48 फीसदी राशि, राज्य सरकार की ओर से 32 फीसदी और 20 फीसदी राशि नगर पंचायत नारकंडा की ओर से देने का प्रस्ताव था। इस प्रोजेक्ट के तहत नारकंडा में शॉपिंग कॉम्पलेक्स, एक सामुदायिक हॉल, एक कैफेटेरिया और पार्किंग बनाने की योजना है, लेकिन नेताओं की खींचतान के चलते प्रोजेक्ट लटका हुआ है।
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प्रोजेक्ट का खर्च तीन गुना बढ़ा
नगर पंचायत नारकंडा के कार्यकारी सचिव हरी कपूर ने बताया कि प्रोजेक्ट निर्माण की राशि लोक निर्माण विभाग मंडल कुमारसैन को भेज दी है। 2002 में जहां इस प्रोजेक्ट के निर्माण को एक करोड़ 36 लाख स्वीकृत हुए थे, वहीं 15 वर्ष बीत जाने के बाद प्रोजेक्ट के निर्माण का खर्चा भी लगभग तीन गुना हो चुका है।
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टेंडर प्रक्रिया पूरी
लोक निर्माण विभाग कुमारसैन के अधिशासी अभियंता उमेश शर्मा ने कहा कि प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य जल्द शुरू कर दिया जाएगा। प्रोजेक्ट निर्माण को लेकर टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है।
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