दो अन्य बैंकों में नए खाते खुलवाए, लेकिन पोर्टल पर डेड केस का स्टेटस नहीं बदला
हैरान करने वाली बात यह है कि पीड़िता ने दो अन्य बैंकों में नए खाते भी खुलवाए, लेकिन इसके बाद भी पोर्टल पर डेड केस का स्टेटस नहीं बदला। अनुसूचित जाति वर्ग से ताल्लुक रखने वाली सुमना देवी का जीवन शुरुआत से ही काफी संघर्षपूर्ण रहा है। कम उम्र में विवाह, पति से तलाक के बाद वह अपने 14 वर्षीय बेटे का अकेले पालन-पोषण कर रही हैं। अत्यंत गरीब परिवार से संबंध रखने के बावजूद उनके पास न तो रहने के लिए पक्का मकान है, न ही अंत्योदय राशन कार्ड और न ही किसी अन्य सरकारी योजना का लाभ मिल पा रहा है।
पंचायत सचिव ने ये कहा
अपने और बच्चे के गुजर-बसर के लिए वह रोजाना करीब 10 किमी पैदल चलकर कोटला में दिहाड़ी-मजदूरी करती हैं। इसके बाद रात के समय लोगों के कपड़ों की तुरपाई कर किसी तरह घर का खर्च चलाती हैं। उधर, पंचायत सचिव हरबंस लाल ने बताया कि मुख्यमंत्री महिला सम्मान निधि योजना के तहत आवेदन करते समय बैंक डिटेल सत्यापन के दौरान पोर्टल पर बार-बार डेड केस का मैसेज आ रहा है। इससे डाटा सेव नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले की पूरी रिपोर्ट खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) जवाली को भेज दी गई है। प्रथम दृष्टया यह किसी तकनीकी त्रुटि का मामला लगता है, जिसे संबंधित विभाग के माध्यम से जल्द ठीक करवाने का प्रयास किया जा रहा है।