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Himachal News: कालका-शिमला ट्रैक पर 28 की रफ्तार से दौड़ेगा पैनोरमिक कोच, आरडीएसओ लखनऊ की टीम को मिली सफलता

Mon, 29 Dec 2025 10:48 AM IST
अंकेश डोगरा आदित्य सोफत, सोलन।

सार

कालका-शिमला रेल लाइन पर 28 केएमपीएच की स्पीड में एयर पावर ब्रेक के साथ पैनोरमिक कोच को ट्रेन को चलाया जा सकेगा। रविवार को अनुसंधान डिजाइन एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) ने फाइनल ट्रायल कर रिपोर्ट तैयार कर ली है। पढ़ें पूरी खबर...
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स्पीड व सुरक्षा को सीआरएस टीम करेगी पास इसके बाद चलेगी ट्रेन - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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विश्व धरोहर कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर घुमावदार मोड़ों पर दो टन अतिरिक्त भार के साथ पैनोरमिक विस्ताडोम कोच 28 की स्पीड में दौड़ने में सफल हो गया है। पहले खाली कोच में स्पीड की जांच की गई थी। इसके बाद कम स्पीड में सुरक्षा देखी गई। अब रविवार को अनुसंधान डिजाइन एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) ने फाइनल ट्रायल कर रिपोर्ट तैयार कर ली है। यह रिपोर्ट रेल मंत्रालय को भेजी जाएगी।

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अब उम्मीद जगी है कि कालका-शिमला रेल लाइन पर 28 केएमपीएच की स्पीड में एयर पावर ब्रेक के साथ पैनोरमिक कोच को ट्रेन को चलाया जा सकेगा। इससे कम सय में पर्यटक कालका से शिमला पहुंच सकेंगे। वर्तमान में 22 की स्पीड से ही ट्रेनों को चलाया जा रहा है और इनमें वेक्यूम ब्रेक सिस्टम है। अमूमन ट्रेन साढ़े पांच घंटे में शिमला पहुंचती है। हालांकि, अभी स्पीड व सुरक्षा का परीक्षण कमीशन ऑफ रेलवे सेफ्टी की टीम भी करेगी।

इसके बाद ही रेल मंत्रालय की ओर से स्पीड बढ़ाने का फैसला लेगा। रविवार को किए ट्रायल में आरडीएसओ की टीम ने चढ़ाई में भार क्षमता की जांच की। इसी के साथ जनरेटर चलाकर बिजली और एसी की सप्लाई को भी देखा। ब्रेक और प्रेशर की भी बारीकियां देखीं।  इन सभी चीजों में ट्रेन लगभग सही पाई गई है। पैनोरमिक विस्ताडोम कोच कालका से शिमला के लिए सुबह 9:20 बजे रवाना हुआ। सोलन में करीब ट्रेन आधा घंटा तक रुका। इसके बाद कंडाघाट में दूसरी ट्रेन की क्राॅसिंग हुई। इसके बाद करीब दोपहर 2:30 बजे ट्रेन शिमला पहुंचा।  

गौर रहे कि विश्व धरोहर कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर लाल रंग के पैनोरमिक विस्ताडोम कोच का वर्ष 2026 में पर्यटकों को लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। इस कोच को आधुनिक तरीके से डिजाइन किया है। ब्रॉडगेज ट्रैक पर चलने वाली बोगियों की तरह नैरोगेज रेल लाइन में पैनोरमिक विस्ताडोम कोच में एयर पावर ब्रेक सिस्टम दिया है। 
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कोच में रह गई एक खामी
पैनोरमिक विस्ताडोम कोच में एक कमी को छोड़ दिया गया है। भले ही शौचालय वेस्ट्रर्न बना हो, लेकिन दरवाजों में काफी दिक्कत आ रही है। बंद करने के बाद भी दरवाजा हल्का खुला रहता है। इस बारे में रेल कोच फैक्टरी कपूरथला को बताया गया है। पहले भी बोगियों की मरम्मत करवाई थी। अब एक कमी फिर रह गई है। रेलवे बोर्ड की ओर से करीब 30 कोच पैनोरमिक विस्ताडोम बनाए हैं। 

आरडीएसओ लखनऊ की टीम ने पैनोरमिक विस्ताडोम कोच का फाइनल ट्रायल किया है। रिपोर्ट भी टीम ने बनाई है। इसे जल्द मंत्रालय को भेजा जाएगा। आगामी दिनों में सीआरएस टीम कोच की जांच करेगी।- विनोद भाटिया, मंडल रेल प्रबंधक, अंबाला
 
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