प्रदेश में बिजली सब्सिडी छोड़ने के इच्छुक लोगों को फार्म स्थानीय बिजली कार्यालयों में जमा करवाने होंगे। बिजली बोर्ड ने अपनी वेबसाइट पर फार्म अपलोड कर दिया है। इसके अलावा हेल्पलाइन नंबर पर भी उपभोक्ता संपर्क कर सकते हैं। जिस दिन फार्म जमा हो जाएगा, उसी दिन से बिजली सब्सिडी मिलना बंद हो जाएगी। हेल्पलाइन नंबरों पर फोन करने पर बोर्ड के कर्मी खुद उपभोक्ताओं से संपर्क करेंगे। अभी घरेलू उपभोक्ताओं को दो रुपये से साढ़े तीन रुपये तक प्रति यूनिट बिजली पर सब्सिडी मिल रही है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पहली जनवरी को शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान स्वयं सबसे पहले बिजली सब्सिडी नहीं लेने का फार्म भरकर इस योजना की शुरुआत की थी। दो जनवरी से बिजली बोर्ड ने आम उपभोक्ताओं के लिए भी फार्म जारी कर दिए। बोर्ड की वेबसाइट hpseb.in पर फार्म उपलब्ध करवाया गया है। इस फार्म को डाउनलोड कर भरना होगा। जो उपभोक्ता फार्म डाउनलोड नहीं करना चाहते वो फार्म में लिखी गई शब्दाबली को सादे कागज पर लिखकर भी बोर्ड के स्थानीय कार्यालयों में जमा करवा सकेंगे। फार्म में आवश्यक तौर पर उपभोक्ता का नाम, बिजली मीटर नंबर और बिजली अकाउंट नंबर लिखना होगा। अंत में हस्ताक्षर कर लिखना होगा कि मैं स्वेच्छा से बिजली सब्सिडी को नहीं लेना चाहता हूं।
बोर्ड के प्रबंध निदेशक संदीप कुमार ने बताया कि इसके अलावा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1100 और बोर्ड के हेल्पलाइन नंबर 1912 पर भी उपभोक्ता संपर्क कर सकेंगे। हेल्पलाइन पर अपना नाम और पता बताना होगा। इसके बाद बिजली बोर्ड के कर्मचारी स्वयं संबंधित उपभोक्ता से संपर्क कर फार्म को भरवाएंगे।