यानी वित्त, राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, ऊर्जा या किसी अन्य विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारी अपनी जरूरत के अनुसार संबंधित विषयों पर प्रशिक्षण ले सकेंगे। कार्मिक विभाग की ओर से जारी निर्देशों में अधिकारियों को हर महीने न्यूनतम एक घंटे की लर्निंग पूरी करने और प्लेटफॉर्म पर नियमित सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा गया है। सरकार का जोर इस बात पर है कि अधिकारी सिर्फ प्रशासनिक काम में व्यस्त न रहें, बल्कि बदलती जरूरतों के अनुसार लगातार नए कौशल और जानकारी भी हासिल करते रहें।
51.56 कंपोजिट स्कोर के साथ श्रेणी-बी में हिमाचल अव्वल
केंद्र सरकार ने आईजीओटी कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर जुलाई 2026 में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों की भागीदारी और प्रदर्शन के आधार पर रैंकिंग जारी की है। विभिन्न मानकों के आधार पर तैयार राज्य श्रेणीकरण में हिमाचल प्रदेश ने श्रेणी बी में पहला स्थान हासिल किया है। हिमाचल को 51.56 का कंपोजिट स्कोर मिला। गुजरात 51.18 अंक के साथ दूसरे और कर्नाटक 40.47 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहा। श्रेणी-बी में तेलंगाना 40.41 अंक के साथ चौथे, पंजाब 40.06 के साथ पांचवें, उत्तराखंड 34.49 के साथ छठे, जम्मू-कश्मीर 32.89 के साथ सातवें, नगालैंड 31.09 के साथ आठवें, छत्तीसगढ़ 30.79 के साथ नौवें और हरियाणा 30.71 अंक के साथ दसवें स्थान पर रहा।
तीन श्रेणियों में बांटे गए राज्य और केंद्र शासित प्रदेश
राज्यों को सरकारी कर्मचारियों की संख्या के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा गया है। एक लाख तक सरकारी कर्मचारी वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को श्रेणी-ए, एक लाख एक से पांच लाख तक कर्मचारियों वाले राज्यों को श्रेणी-बी और पांच लाख से अधिक कर्मचारियों वाले राज्यों को श्रेणी-सी में रखा गया है। हिमाचल की उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि 51.56 अंक के साथ वह दूसरे स्थान पर रहे गुजरात से महज 0.38 अंक आगे रहा। सरकार अब अधिकारियों की नियमित ऑनलाइन लर्निंग के जरिये इस प्रदर्शन को बनाए रखने पर जोर दे रही है।