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Lahaul Accident: हादसे में किसी ने इकलौता बेटा खोया; किसी ने मां-बेटी, पांगी में हर आंख हुई नम

Sat, 25 Jul 2026 05:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, कुल्लूु/उदयपुर (लाहौल-स्पीति)।

सार

 संसारी-किलाड़-तिंदी-थिरोट सड़क पर हुए हादसे ने पूरे पांगी और उदयपुर घाटी को गहरे सदमे में डाल दिया है। कई परिवारों के चिराग बुझ गए।
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लाहाैल सड़क हादसा। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के जिला लाहौल-स्पीति के संसारी-किलाड़-तिंदी-थिरोट सड़क पर शुक्रवार दोपहर एक टाटा सूमो टैक्सी पर पहाड़ी से भारी चट्टान गिर गई। इसमें सवार सभी 13 लोगों की गाड़ी में ही दबकर मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे पांगी और उदयपुर घाटी को गहरे सदमे में डाल दिया है। कई परिवारों के चिराग बुझ गए। किसी घर का इकलौता बेटा चला गया तो मां-बेटे की जिंदगी एक साथ खत्म हो गई। छह महीने का मासूम भी इस हादसे का शिकार बन गया। हादसे की खबर जैसे ही पांगी और लाहौल घाटी के लोगों तक पहुंची तो मातम छा गया। बताया जा रहा है कि अधिकांश लोग कुल्लू से अपने घर पांगी लौट रहे थे।

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किसी के घर में बुजुर्ग इंतजार कर रहे थे, कहीं  बच्चों की निगाहें अपने माता-पिता की राह देख रही थीं
कोई अपना इलाज करवाकर जा रहा था तो कोई जरूरी काम निपटाकर घर लौट रहा था। किसी के घर में बुजुर्ग बेटे का इंतजार कर रहे थे तो कहीं बच्चों की निगाहें अपने माता-पिता की राह देख रही थीं। शाम तक घर लौटने की उम्मीद एक दर्दनाक खबर में बदल गई। हादसे में घिसाल, साच और उदयपुर के कई परिवारों ने अपने परिजनों को हमेशा के लिए खो दिया। सबसे दर्दनाक मंजर उन घरों में देखने को मिला, जहां एक साथ परिवार के दो-दो सदस्यों की मौत हो गई। उदयपुर की रहने वाली सोमन आंगमो अपने छह माह के मासूम बेटे आरू के साथ पांगी जा रही थी, लेकिन मां और बेटे की एक साथ मौत हो गई। 

पिता-पुत्र की भी गई जान
इसी तरह पांगी की साच पंचायत के निवासी बुद्धि सिंह और उनकी पत्नी कमला भी इस हादसे का शिकार हो गए। घिसाल गांव के रहने वाले सौरभ सिंह अपने बीमार पिता बीर सिंह का कुल्लू में उपचार करवाने के बाद उन्हें लेकर घर लौट रहे थे। पिता-पुत्र ने सोचा था कि इलाज के बाद अब घर पहुंचकर राहत मिलेगी, लेकिन गोरना के पास काल उनका इंतजार कर रहा था। देखते ही देखते भारी चट्टानों ने सूमो को अपनी चपेट में ले लिया और दोनों की जिंदगी एक साथ खत्म हो गई। पांगी में मृतकों के घरों में रिश्तेदारों और ग्रामीणों का तांता लगा रहा।
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छेरिंग दोरजे ने मत्नी व मासूम बच्ची को खोया
मृतक सोमान आंगमो के पति और छह महीने की मासूम आरू के पिता छेरिंग दोरजे को क्या पता था कि जिस पत्नी और बेटी को वह तिंदी छोड़ आया है, वे उससे सदा के लिए बिछड़ जाएंगे। छेरिंग मयाड़ घाटी के छालिंग का रहने वाले हैं। उसकी पत्नी पांगी क्षेत्र से ताल्लुक रखती थी। पत्नी मासूम बेटी को लेकर कुल्लू से अपने मायके जा रही थीं। उनसे मिलने छेरिंग उदयपुर आया और यहां से पत्नी को मायके भेजने के लिए उसने दोनों को वाहन के माध्यम से तिंदी तक छोड़ा। यहां से आगे के सफर में उनका वाहन हादसे का शिकार हुआ। 
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