मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि इस परियोजना में कार्यरत निजी कंपनियों द्वारा श्रमिकों का भुगतान तथा पावर कारपोरेशन की ओर से ठेकेदारों का भुगतान भी समयबद्ध किया जा रहा है। बैठक में पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड तथा एडीएचएल कंपनी के प्रतिनिधियों ने परियोजना से संबंधित किए जा रहे कार्यों की भी जानकारी उपलब्ध करवाई। न्यायालयों के मुआवजे के दावों को गठित कमेटी की बैठक के दौरान पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों की समीक्षा की गई। सभी सरकारी संपत्तियों सहित लोक निर्माण विभाग की सड़कों को राजस्व रिकॉर्ड में कब्जा दर्ज करने के बारे में व्यापक विचार-विमर्श किया गया।
राजस्व मंत्री ने लोक निर्माण व राजस्व विभाग के अधिकारियों को प्रदेश में 20 वर्ष से अधिक समय से निर्मित सरकारी संपत्तियों सहित विशेषकर लोक निर्माण विभाग की सड़कों को राजस्व रिकॉर्ड में कब्जा दर्शाने के लिए सभी उपायुक्तों एवं अन्य राजस्व अधिकारियों को गिरदावरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस संबंध में अगस्त 2025 तक तुरंत कार्रवाई करने तथा अनुपालना रिपोर्ट उप समिति को उपलब्ध करवाने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पिछले तीन माह के दौरान प्रदेश में लोक निर्माण विभाग की 214 सड़कों का इंद्राज सरकार के नाम कर लिया गया है। प्रदेश के विकास में सड़कों का अहम योगदान है। ऐसे में सड़कों का बेहतर रखरखाव को सुनिश्चित बनाने के लिए सड़कों का लोक निर्माण विभाग के अधीन होना अत्यंत आवश्यक हो जाता है। बैठक में समिति के सदस्य नगर नियोजन, आवास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. अभिषेक जैन, एमडी पावर कारपोरेशन आबिद हुसैन सादिक, विशेष सचिव हरबंस सिंह ब्रसकोन सहित कई अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।