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Himachal: हिमाचल की नई पौध को खोखला कर रहा नशा... कई स्कूली छात्र ले रहे ड्रग्स; 204 स्कूलों में सर्वे

Fri, 08 Nov 2024 10:35 AM IST
अंकेश डोगरा देवेंद्र ठाकुर/ सुमित ठाकुर/ शिमला।

सार

हिमाचल प्रदेश के 204 स्कूलों के छात्रों पर हुए सर्वे में बड़ी खुलासा हुआ है। सर्वे में 9.02 फीसदी किशोरों के इंजेक्शन से नशा लेने की बात सामने आई है। 
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चिट्टा(फाइल) - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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पड़ोसी राज्यों से आ रहा नशा हिमाचल की नई पौध को बर्बाद कर रहा है। कई स्कूली बच्चे भी ड्रग्स ले रहे हैं। प्रदेश के 204 स्कूलों के साढ़े सात हजार छात्रों पर हुए सर्वे में 9.02 फीसदी किशोरों के इंजेक्शन से नशा लेने की बात सामने आई है। 

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नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती 15 से 30 साल के 1,170 युवाओं में से करीब 35% चिट्टे की लत के शिकार हैं। एक स्वयंसेवी संस्था और इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज के सर्वे में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। ममता हेल्थ इंस्टीट्यूट फॉर मदर एंड चाइल्ड संस्था ने सरकार की निगरानी में 204 स्कूलों में पढ़ रहे 13 से 17 साल के किशोरों पर सर्वे किया। सर्वे में 7,563 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इनमें 3,833 छात्र और 3,730 छात्राएं थीं। सर्वे रिपोर्ट के अनुसार तंबाकू, धूम्रपान, भांग और शराब का ही नहीं, कई स्कूली बच्चे कोकीन, चिट्टा, हेरोइन और अफीम का भी सेवन कर रहे हैं। सर्वे में शामिल छात्रों में से करीब 9.02% ने सिरिंज से भी ड्रग्स लेने की बात स्वीकार की है। 

12.41 फीसदी बच्चों ने बताया कि उनके दोस्त भी किसी न किसी प्रकार का नशा करते हैं। संस्था के स्टेट टीम लीडर डाॅ. गौरव सेठी ने बताया कि 25 नवबंर 2022 को सर्वे शुरू किया गया था। करीब डेढ़ साल बाद जुलाई 2024 में इसकी रिपोर्ट शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को सौंप दी गई है। आईजीएमसी के कम्युनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अनमोल गुप्ता और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अमित सचदेवा के अनुसार प्रदेश के 27 नशामुक्ति केंद्रों में भर्ती 1,170 युवाओं पर हुए एक सर्वे में 34.61 फीसदी चिट्टे के शिकार पाए गए हैं। 15 से 30 वर्ष आयु वर्ग के युवा ज्यादा सेवन कर रहे हैं। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की 2023 की रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल में नशे के लिए भांग का इस्तेमाल 3.18% होता है, जो राष्ट्रीय औसत 1.2% से अधिक है। चिट्टे में हानिकारक रसायन होते हैं, जो सेहत के लिए खतरनाक हैं। 
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इसके सेवन से प्लेटलेट्स में गिरावट आती है। चिट्टे से कई युवाओं की मौत हो रही है। इसकी लत के शिकार 5 से 10 फीसदी व्यक्ति इलाज के दौरान गंभीर संकट का सामना करते हैं।

नशे की रोकथाम के लिए स्कूल-कॉलेजों में एंटी ड्रग स्क्वायड बनाए गए हैं। शिक्षण संस्थानों और आसपास विशेष नजर रखी जा रही है। समाज के सहयोग से भी बच्चों को नशा बेचने वालों का पता लगाया जा रहा है- डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा, उच्च शिक्षा निदेशक

नशा बेचने वालों का नेटवर्क तोड़ने के लिए पुलिस हरसंभव प्रयास कर रही है। अवैध कारोबार से जुड़े काफी लोगों को पुलिस गिरफ्तार भी कर चुकी है। शिक्षण संस्थानों में जाकर जागरूक किया जा रहा है - संजीव गांधी, पुलिस अधीक्षक शिमला   

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स्कूली बच्चों से पूछे ये सवाल (हां में मिले जवाब) ग्रामीण शहरी कुल
आपके दोस्त किसी प्रकार का कोई नशा करते हैं? 11.74% 18.39%  12.41%
तीस दिनों में धूम्रपान और तंबाकू का सेवन किया है? 3.89% 3.8% 3.79%
तीस दिनों में ई-सिगरेट का सेवन किया है?  3.65% 2.63% 3.53%
एक साल के दौरान भांग का सेवन किया है? 3.95% 2.74% 3.81%
एक महीने के दौरान शराब का सेवन किया है? 3.30% 3.08% 3.28%
कभी कोकीन/चिट्टा/हेरोइन/अफीम का सेवन किया है?  3.30% 2.74% 3.16%
एक साल में मतिभ्रम करने वाले किसी नशे का सेवन किया है? 4.23% 2.74% 4.06%
क्या नशे के लिए सिरिंज का इस्तेमाल किया है? 9.29% 6.96% 9.02%
किसी सूंघने वाले नशे का सेवन किया है? 4.53% 4.00% 4.47%
बिना डॉक्टर की सलाह के कफ सिरप का इस्तेमाल किया है? 23.07% 20.70% 22.81%
एक साल के दौरान नींद की गोलियों का सेवन किया है? 4.44% 3.77% 4.36%
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