हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के संचूई गांव के त्रिलोचन महादेव के वंशज शिव चेले 18 सितंबर को दोपहर 12:00 बजे पवित्र झील को पार कर डल झील को तोड़ने की रस्म अदा करेंगे। शिव चेला कमेटी संचूई के सचिव उत्तम भारद्वाज ने बताया कि 15 सितंबर को संचूई गांव से शिव चेले चौरासी स्थित मणिमहेश मंदिर के लिए प्रस्थान करेंगे। वहां दो दिन ठहरकर मणिमहेश यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को अनुमति देंगे।
विज्ञापन
17 सितंबर को सुबह 10:00बजे शिव चेले डल झील की ओर कूच करेंगे और रात का ठहराव धनछौ में होगा। 18 सितंबर को करीब 11:00 बजे वे डल झील पहुंचेंगे। इसके बाद डल झील को तोड़ने की परंपरा निभाई जाएगी। संचूई के शिव चेले भाद्रपद शुक्ल सप्तमी को डल झील तोड़ने की रस्म पूरी करेंगे। इस रस्म के पूरा होने के बाद ही पवित्र शाही स्नान शुरू होगा। श्रद्धालु डल झील तोड़ने की परंपरा के बाद ही शाही स्नान कर सकेंगे। पिछले वर्ष खराब मौसम के कारण यह परंपरा पूरी नहीं हो पाई थी। ऐसे में इस बार रस्म को देखने के लिए हजारों शिव भक्तों के पहुंचने की संभावना है।