जलभराव से नहीं मिलेगी राहत, बरसात के बाद शुरू होगा जल निकासी व्यवस्था में सुधार
टेंडर और विभागीय औपचारिकताओं में उलझा काम
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर भौर से डडौर तक जलभराव की समस्या से जूझ रहे लोगों को इस मानसून भी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। समस्या के स्थायी समाधान के लिए 35 करोड़ रुपये स्वीकृत होने के बावजूद विभागीय औपचारिकताएं और टेंडर प्रक्रिया पूरी न होने के कारण निर्माण कार्य अब मानसून के बाद ही शुरू हो सकेगा। ऐसे में प्रभावित परिवारों को पूरे बरसात के मौसम में जलभराव की परेशानी झेलनी पड़ेगी।
पिछले वर्ष हुई भारी बारिश के दौरान भौर-डडौर क्षेत्र में जलभराव के कारण कई घरों में पानी घुस गया था। इसके बाद एनएचएआई ने जल निकासी व्यवस्था में सुधार, अधूरी सर्विस रोड के निर्माण और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए 25 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। बाद में लोक निर्माण विभाग ने परियोजना के लिए 10 करोड़ रुपये अतिरिक्त मांगे, जिसके बाद कुल 35 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली। हालांकि, एक वर्ष बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
इस बार मानसून की शुरुआती बारिश में ही नेरचौक नगर परिषद के वार्ड-9 में फिर जलभराव की स्थिति बन गई। स्थानीय निवासी आलम राम, हंसराज, हरीश और देवी रूप सैनी ने बताया कि पिछले वर्ष बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन आज भी हालात जस के तस हैं। उनका कहना है कि हर बारिश में घरों में पानी घुस जाता है, जबकि समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि संबंधित विभाग और प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस वार्ड में पूर्व मंत्री का आवास है, वहां भी सड़क पर जलभराव बना रहता है, लेकिन इसके बावजूद समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।लोक निर्माण विभाग के अनुसार जून में 35 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन फिलहाल विभाग और एनएचएआई के बीच आवश्यक औपचारिक पत्राचार चल रहा है। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि बरसात के दौरान निर्माण कार्य संभव नहीं है, इसलिए काम मानसून समाप्त होने के बाद ही शुरू होगा।
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बारिश के बाद शुरू होगा काम
विभाग और एनएचएआई के बीच आवश्यक औपचारिकताओं को लेकर पत्राचार चल रहा है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने में समय लगेगा। इसलिए निर्माण कार्य अब बरसात के बाद ही शुरू हो पाएगा। -अंशुल चौधरी, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग, नेरचौक