पंडोह (मंडी)। ब्यास नदी का जलस्तर कम होते ही पंडोह में वर्ष 2023 की आपदा में बहे लाल पुल के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह पुल द्रंग क्षेत्र की आठ पंचायतों को सदर से जोड़ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पुल बहने के बाद से ग्रामीणों को दो वर्षों से परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
लाल पुल के बहने के बाद लोगों को मंडी आने-जाने के लिए छह किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में तो वैकल्पिक मार्ग भी बार-बार बंद हो रहा है, जिससे हजारों ग्रामीणों को आवाजाही में भारी दिक्कत होती रही।
क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए सरकार ने यहां नया डबल लेन स्टील ब्रिज बनाने का निर्णय लिया है। इस पुल का निर्माण 14.18 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। पुल बनने से न केवल द्रंग क्षेत्र की पंचायतों के हजारों लोगों को राहत मिलेगी बल्कि पंडोह, बदार और आसपास के क्षेत्रों के दुकानदारों व कारोबारियों के लिए भी यह जीवन रेखा साबित होगा। वहीं, स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों ने कहा कि अब नए पुल के निर्माण से क्षेत्र के लोगों को तेज, सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी।
उधर, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता प्रवीण तलवार ने बताया कि पुराने लाल पुल के बचे हुए हिस्से को हटाने का कार्य जारी है। इसके बाद नए पुल का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एक वर्ष के भीतर यह पुल बनकर तैयार हो जाएगा और लोगों के लिए आवाजाही शुरू हो जाएगी।
लाल पुल की जगह नए पुल का कार्य शुरू होने से इलाका फिर से पंडोह से सीधे तौर पर जुड़ जाएगा। ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस पुल को प्राथमिकता के आधार पर बनाकर तैयार किया जाए।
-दलीप ठाकुर, निवासी शिवाबदार
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2023 में पुल बहने के कारण ग्राहकों का आना बेहद कम हो गया है। पुल बनने पर अब उम्मीद की नई किरण जगी है। पुल बनने से ग्राहकों की आवाजाही भी बढ़ेगी और व्यापार भी बढ़ेगा।
-तरुण धवन, दुकानदार, पंडोह बाजार