सुंदरनगर (मंडी)। निहरी क्षेत्र से लापता नाबालिग लड़की का शव मिलने के मामले में पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। जंगल में शव फेंकी हुई हालत में बरामद हुआ है जबकि एक टांग व एक बाजू गायब थी। यह जंगली जानवर की क्रूरता या इंसानी कहर, इसका फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा होगा। पुलिस इस मामले में इंटेलीजेंस के अलावा तकनीकी जांच का भी सहारा ले रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
लापता लकड़ी का शव नौ दिनों के बाद मंगलवार देर शाम बडेहन जंगल में ढांक के पास बरामद किया था। शव मिलने के बाद पुलिस ने फोरेंसिक टीम के साथ देर रात तक घटनास्थल पर डेरा डाले रखा और हर पहलू से साक्ष्य जुटाए। बुधवार को भी फोरेंसिक टीम ने गहन जांच पड़ताल की और सैंपल लिए।
बुधवार को घर शव पहुंचते ही परिजनों की चीख पुकार से माहौल गमगीन हो गया। एक भाई दो बहनों की सबसे छोटी लाडली बहन की इस मौत से पूरा परिवार आहत है। बेटी की मौत से पिता बेसुध हैं और कुछ बोल भी नहीं पा रहे हैं। बेटी के लापता होने के बाद अपने स्तर पर उन्होंने खूब तलाश की लेकिन कोई सुराग न लगने पर पहली जनवरी को पुलिस का सहारा लिया।
ग्रामीणों ने पुलिस विभाग से निष्पक्ष जांच की मांग की है। शव क्षत-विक्षत हालत से ग्रामीणों को शक है कि जंगली जानवरों के बजाए किसी इंसानी वारदात का लड़की शिकार तो नहीं हुई है। स्थानीय विक्की ठाकुर ने बताया कि यह पहला मौका है कि इलाके में ऐसी वारदात हुई हो। उन्होंने कहा कि गरीब परिवार की इस बेटी की मौत की गहन जांच होनी चाहिए। ताकि सच सामने आए।
उधर, पुलिस अधीक्षक मंडी साक्षी वर्मा ने बताया कि प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार कुछ संदिग्ध नहीं लग रहा है। यह जंगली जानवर से जुड़ा मामला पाया जा रहा है। हालांकि फाइनल रिपोर्ट से ही सभी तथ्य साफ होंगे। पुलिस गहनता से जांच कर रही है।