माणा गांव के पास धराशाही हुई एनएच किनारे लगी सुरक्षा दीवारें। स्त्रोत- जागरूक पाठक
सड़क का पानी खेतों और घरों तक पहुंचा, कुछ मकान खाली करवाए
राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
संवाद न्यूज एजेंसी
पधर (मंडी)। मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग-154 पर पाली पंचायत के माणा पुल के पास जलभराव से गांव पर खतरा मंडरा गया है। सड़क के पानी से खेतों और रिहायशी मकानों को नुकसान पहुंच रहा है। सड़क किनारे सुरक्षा दीवारें टूटने के बाद गांव के ऊपर जमीन के बड़े हिस्से में दरारें पड़ गई हैं और जमीन लगातार धंस रही है। खतरे को देखते हुए प्रशासन ने कुछ घरों को खाली करवा दिया है।
स्थानीय लोगों हेम सिंह ठाकुर और तेज सिंह ने बताया कि हाल ही में बने हाईवे पर पानी की निकासी की व्यवस्था घरों से ऊपर की गई है। उनका आरोप है कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता और जल निकासी का ध्यान रखा जाता तो पानी को करीब 50 मीटर आगे माणा नाले में पहुंचाया जा सकता था। बारिश के दौरान सड़क का पानी तेज बहाव के साथ नीचे आने से पुल की अप्रोच दीवारों पर भी खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार अप्रोच दीवारें फूल गई हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क किनारे बनाई गई सुरक्षा दीवारें क्षतिग्रस्त होकर गिर चुकी हैं और उनका मलबा भी मौके से नहीं हटाया गया है। वहीं, सड़क किनारे बनी नाली बंद होने से पानी नीचे बस्ती की ओर जा रहा है। इससे खेतों और मकानों को नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों ने जमीन धंसने से रोकने के लिए सड़क किनारे मजबूत सुरक्षा दीवार लगाने की मांग की है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। वार्ड सदस्य मंगला देवी ने गावर कंस्ट्रक्शन कंपनी और पधर प्रशासन से एहतियाती कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने पुराने हाईवे को नए हाईवे से जोड़ने की कनेक्टिविटी बहाल करने की भी मांग उठाई।
कोट्स
मौसम खुलते ही हाईवे किनारे सुरक्षा दीवारों का काम शुरू कर दिया जाएगा। सड़क के पानी की निकासी भी बहाल की जा रही है। पुराने हाईवे को दोनों ओर से जोड़ने का काम शुरू किया गया था लेकिन सरकारी भूमि से रास्ता निकालने को लेकर स्थानीय लोगों की ओर से अड़चन आ रही है। भूमि विवाद सुलझने के बाद पुराने हाईवे की कनेक्टिविटी बहाल कर दी जाएगी। -सिद्धार्थ, साइट इंजीनियर, गावर कंस्ट्रक्शन कंपनी