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पेयजल किल्लत पर गरजे ग्रामीण

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जोगिंद्रनगर के मिनी सचिवालय में पेयजल किल्लत को लेकर धरने पर बैठे ग्रामीण। - फोटो : Mandi
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जोगिंद्रनगर (मंडी)। ढाई दर्जन गांवों के ग्रामीणों ने पेयजल किल्लत को लेकर मिनी सचिवालय परिसर में करीब तीन घंटे धरना प्रदर्शन कर जलशक्ति विभाग और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। माकपा नेता कुशाल भारद्वाज की अगुवाई में ग्रामीणों ने सचिवालय में धरना प्रदर्शन किया।
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माकपा नेता कुशाल भारद्वाज ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र बसेहड़, सजेहड़, चाहल, भगवार, द्रमण, भराड़ू, नोहली, मरैंच, देहरी, भगवाहर, द्रमण, पलोहन, बदेहड़, बटधार, बनोग, मनारू, टिक्कर, अंद्रालू, स्पैड़ा, बनाहा, भोटू, कुंड, छांब, अथराह, पांडो, कोठी, अलमरा, छौ, रोहाटा, स्पैडू, नेरी, चिम्हणू में पानी की किल्लत बनी हुई है।
जलशक्ति विभाग को कई बार लिखित तौर पर अवगत करवाया लेकिन पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। उन्होंने पेयजल ग्रस्त उपरोक्त सभी गांवों में टैंकरों से पानी की आपूर्ति की मांग की है। कहा कि अगर एक सप्ताह के भीतर पेयजल किल्लत का उचित समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण सड़कों में उतरकर प्रदर्शन करेंगे।
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ग्रामीणों ने एसडीएम को लिखित ज्ञापन सौंपकर जलशक्ति विभाग की लचर कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। एसडीएम विशाल शर्मा ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि वह जलशक्ति विभाग को नियमित पेयजल आपूर्ति के लिए उचित दिशा-निर्देश देंगे।
जलशक्ति विभाग जोगिंद्रनगर के सहायक अभियंता सूक्ष्म नाग ने कहा कि जिन गांव में पानी की किल्लत पेश आई है, वहां जल्द ही जरूरी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। कहा कि गर्मी के कारण प्राकृतिक जलस्रोत सूख रहे हैं। इससे भी पेयजल किल्लत बनी हुई है। समाधान का पूरा प्रयास किया जा रहा है। संवाद
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