17 निगमों-बोर्डों के करीब 6500 सेवानिवृत्त कर्मचारियों को राहत का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। हिमाचल प्रदेश के 17 निगमों और बोर्डों के करीब साढ़े छह हजार सेवानिवृत्त कर्मचारी पेंशन बहाली की मांग को लेकर लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। कॉरपोरेट सेक्टर सेवानिवृत्त कोऑर्डिनेशन कमेटी ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से चुनाव के दौरान किए वादे को पूरा करने की मांग उठाई है। मंडी के सीनियर सिटीजन हॉल में मंगलवार को प्रदेश अध्यक्ष देवी लाल ठाकुर की अध्यक्षता में हुई बैठक में सदस्यों ने सरकार के प्रति रोष जताया।
कमेटी के सदस्यों ने कहा कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस नेताओं ने सरकार बनने पर 29 अक्तूबर 1999 की अधिसूचना के तहत पेंशन बहाल करने का आश्वासन दिया था। सरकार को बने करीब चार साल होने जा रहे हैं लेकिन इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों में नाराजगी है।
कमेटी के अनुसार एक अप्रैल 1999 से पहले निगमों और बोर्डों में नियमित हुए कर्मचारियों के लिए पेंशन का प्रावधान किया गया था। दो दिसंबर 2004 से पहले सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन मिल रही है, जबकि इसके बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारी इस लाभ से वंचित हैं। इससे एक ही श्रेणी के कर्मचारियों के बीच विसंगति पैदा हो गई है। कमेटी ने मुख्यमंत्री से सभी 17 निगमों और बोर्डों के प्रतिनिधियों के साथ आमने-सामने बैठक कर समस्या का समाधान निकालने का आग्रह किया।
बैठक में मंडी जिला कार्यकारिणी का गठन किया गया। योगराज को प्रधान, गुरदास राम को महासचिव, हेम सिंह रावत को उपप्रधान, शशी बाला को कोषाध्यक्ष और राज कुमार गुप्ता को मुख्य सलाहकार चुना गया।