बीपीएल की तीन वर्षीय शर्त से दिव्यांगजनों को छूट देने की उठी मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। सराज की ब्रयोगी पंचायत निवासी दृष्टिबाधित दयावंत और उनकी पत्नी सुरेखा पिछले दो वर्षों से बीपीएल सूची में शामिल होने के लिए सरकारी दफ्तरों और पंचायत के चक्कर काट रहे हैं। परिवार रजिस्टर अलग करवाने के बाद वे पंचायत की तीन वर्ष की प्रतीक्षा शर्त में फंस गए। दयावंत का एक पैर भी क्षतिग्रस्त है, जबकि पत्नी कैंसर से जूझ रही हैं।
दिव्यांग दंपती ने सरकार से इस शर्त में छूट की मांग की है। ब्लाइंड पर्सन एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश ने ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक को पत्र भेजकर दिव्यांगजनों को भी बीपीएल चयन की तीन वर्ष की शर्त से छूट देने की मांग की है। एसोसिएशन के अनुसार 19 मार्च 2025 की अधिसूचना में नए परिवारों को तीन वर्ष तक बीपीएल सूची में शामिल नहीं करने का प्रावधान है, जिसमें केवल विधवा, परित्यक्ता और तलाकशुदा महिलाओं को छूट है।