करसोग के गांव नांज में प्रस्तावित लुहरी दो हाइड्रो परियोजना के विरोध में बैठक के दौरान ग्रामीण। ?
- फोटो : Mandi
लुहरी-2 हाइड्रो प्रोजेक्ट को किसी
भी सूरत में नहीं दी जाएगी जमीन
नांज के ग्रामीणों ने बैठक कर प्रस्ताव किया पारित, कहा-जमीन-जंगल होंगे बरबाद
दशकों तक मेहनत कर पहाड़ों में उगाया जंगल
संवाद न्यूज एजेंसी
करसोग (मंडी)। उपमंडल करसोग में गांधी जयंती के अवसर पर गांव नांज में प्रस्तावित लुहरी-दो हाइड्रो परियोजना के खिलाफ ग्रामीणों ने संघर्ष तेज कर दिया है। शुक्रवार को एकजुट होकर ग्रामीणों ने बैठक का आयोजन किया। इसमें किसी भी कीमत पर प्रोजेक्ट को जमीन न देने का प्रस्ताव पारित किया। बैठक में उपस्थित लोगों ने प्रशासन के प्रति भी नाराजगी जताई। बता दें कि नाज से कोटलु तक साढे़ सात किमी तक की झील बनाई जानी है, जिससे सैकड़ों एकड़ जमीन और जंगल प्रभावित होंगे। कृषि वैज्ञानिक नेक राम शर्मा ने कहा कि स्थानीय ग्रामीणों ने बाढ़ का खतरा दूर करने के लिए दशकों तक मेहनत कर यहां पहाड़ों में जंगल उगाया था। आज उस जंगल को हाइड्रो प्रोजेक्ट के लिए डंपिंग साइट बनाया जा रहा है। उस जंगल से न केवल भूमि कटाव रुका बल्कि वहां पर उगने वाली वनस्पतियों का भी विशेष महत्व है। उपप्रधान तेजेंदर ने कहा है कि किसी भी कीमत पर जमीन नहीं दी जाएगी चाहे कितनी भी कुर्बानी देनी पड़े। पूर्व प्रधान रूपलाल शर्मा ने कहा कि यह पांडवों की बसाई भूमि हैं, जिसे उजाड़ने नहीं दिया जाएगा। इस बैठक में महिलाओं और बच्चों ने भी भाग लिया।
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