मंडी। नारला-मंडी फोरलेन का कार्य कर रही कंपनी पर स्थानीय लोगों ने तानाशाही का आरोप लगाया है। लोगों ने कहा कि घरों और गोशालाओं को जबरदस्ती खाली करवाया जा रहा है। कंपनी के अड़ियल रवैये से परेशान ग्रामीणों ने रविवार को कुन्नू में हिमाचल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन एवं मनरेगा मजदूर यूनियन के प्रदेश सचिव पवन कुमार के नेतृत्व में बैठक की।
आरोप लगाया कि फोरलेन निर्माण कंपनी स्थानीय लोगों को विश्वास में लिए बिना काम कर रही है। बिना पूछे श्मशानघाट उखाड़े जा रहे हैं। घराट, सिंचाई कूहलें और पेयजल स्रोत, रास्ते, सड़कें उखाड़ दी हैं। नारला में श्मशानघाट को उखाड़ने पर भी लोगों ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्माणाधीन कंपनी से मांग की है कि वह स्थानीय लोगों को साथ लेकर जल्द श्मशानघाट का निर्माण करे।
संगठन के प्रदेश सचिव पवन कुमार और प्रदेश उपप्रधान महेंद्र सिंह ने बताया कि कुछ लोगों को जमीन का मुआवजा कम मिलने पर वकीलों की ओर से उन्हें ज्यादा पैसे दिलाने का आश्वासन देकर 50 से एक लाख रुपये ऐंठे जा रहे हैं। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि वे किसी के झांसे में न आएं। यूनियन बिना पैसे लिए गरीबों की लड़ाई लड़ेगी। बैठक में निर्णय लिया कि कंपनी के अड़ियल रवैये को देखते हुए मंगलवार को द्रंग के नौ मील में बैठक की जाएगी। बैठक में कंपनी की लापरवाही और तानाशाही रवैये के विरोध में संघर्ष को तेज करने और उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन को ज्ञापन सौंपने का निर्णय भी लिया गया।
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