मंडी। मूल्य वर्धित कर (वैट) कम जमा करने वाले व्यापारियों की आबकारी एवं कराधान विभाग ने सूची तैयार कर रहा है। विभाग की ओर से सभी आबकारी एवं कराधान अधिकारी (ईटीओ) को निर्देश दिए गए कि सालाना चार तिमाही में वैट टैक्स कम जमा करने वाले दस-दस व्यापारियों की लिस्ट तैयार की जाए। कम वैट टैक्स जमा करने पर विभाग व्यापारियों की रिटर्न फाइल को चेक करेगा। अगर वैट टैक्स जमा करने में गड़बड़ी पाई गई तो विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
आबकारी एवं कराधान विभाग मंडी को चालू वित्तीय वर्ष में 313 करोड़ राजस्व प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सितंबर माह तक विभाग 136.75 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त कर चुका है। त्योहारी सीजन में विभाग को शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल होने की पूरी संभावना है। विभाग ने सभी ईटीओ को निर्देश दिए हैं कि जिन व्यापारियों ने गत वर्ष की तुलना में सालाना चार तिमाही में वैट टैक्स कम जमा किया है, उसकी लिस्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद व्यापारियों की रिटर्न फाइल का विभाग निरीक्षण करेगा।
सहायक आबकारी एवं कराधान आयुक्त उज्जवल सिंह राणा ने बताया कि हिमाचल प्रदेश मूल्य वर्धित कर अधिनियम, केंद्रीय बिक्री कर व हिमाचल प्रदेश प्रवेश कर अधिनियम के अधीन तीन अलग-अलग विवरणियों के स्थान एक सामान्य विवरणी अब जमा करवानी होगी। एक मुश्त कर जमा करवाने वाले व्यापारी प्रदेश के बाहर से भी सी फार्म की सुविधा पर सामान आयात कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिन व्यापारियों की ओर से वैट टैक्स जमा किया जा रहा है, उनकी विभाग लिस्ट तैयार कर रहा है। इसके बाद रिटर्न फाइल का निरीक्षण किया जाएगा। अगर इसमें कोई गड़बड़ी पाई गई तो विभाग की ओर कार्रवाई की जाएगी।