दुर्गम रास्तों के बीच श्रद्धालुओं ने कई चरणों में पैदल यात्रा की पूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। मां भगवती छंडयारा की वर्ष 2026 की ऐतिहासिक रथ यात्रा श्रद्धा और आस्था के माहौल में संपन्न हुई। पांच दिवसीय इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कठिन पहाड़ी रास्तों और खराब मौसम के बावजूद पैदल चलकर मां के प्रति अपनी अटूट भक्ति का परिचय दिया। ग्राम पंचायत सुईं-कुफरीधार के उपप्रधान विजय गुलेरिया ने बताया कि यात्रा के प्रथम दिन श्रद्धालुओं ने छंडयारा से लगभग 70 से 80 किलोमीटर की कठिन पदयात्रा कर सेरीकोठी पहुंचकर मां के चरणों में शीश नवाया। दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने सेरीकोठी से अनुशी तक का दुर्गम मार्ग तय किया, जहां लगातार वर्षा और खराब रास्तों ने यात्रा को और चुनौतीपूर्ण बना दिया। तीसरे दिन यात्रा अनुशी से साझी तथा चौथे दिन साझी से निहरी तक पहुंची। अंतिम दिन श्रद्धालुओं ने निहरी से लगभग 30 से 40 किलोमीटर की पदयात्रा पूरी कर पुनः मां भगवती छंडयारा के पावन मंदिर पहुंचकर यात्रा का समापन किया। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए अनुशासन, सेवा-भाव और सामूहिक सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।