मंडी। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने चेक बाउंस से जुड़े एक मामले में आरोपी रमेश आर्य को दोषी करार देते हुए 2 साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने शिकायतकर्ता कंपनी को हुए नुकसान की भरपाई के लिए 48,00,000 रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है।
यह मामला श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड और रमेश आर्य के बीच हुए एक वाहन ऋण से जुड़ा है। रमेश आर्य ने 16 अक्तूबर 2012 को एक महिंद्रा अर्थ मास्टर जेसीबी मशीन खरीदने के लिए कंपनी से 25,98,080 रुपये का लोन लिया था। अपनी देनदारी चुकाने के लिए रमेश ने 20 दिसंबर 2013 को 24,00,000 रुपये का एक चेक जारी किया।
जब कंपनी ने इसे बैंक में लगाया, तो यह खाते में अपर्याप्त राशि होने के कारण बाउंस हो गया। कंपनी ने 13 जनवरी 2014 को कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन भुगतान न मिलने पर मामला दर्ज कराया। न्यायाधीश ने 2 साल की साधारण कैद, 24 लाख रुपये की चेक राशि और उस पर 9 प्रतिशत की दर से ब्याज जोड़कर कुल 48 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। यदि दोषी मुआवजे की राशि नहीं चुकाता है, तो उसे 6 महीने की अतिरिक्त कैद काटनी होगी। संवाद