मंडी। द्रंग विधानसभा क्षेत्र के शिवाबदार इलाके में 25 बच्चे खसरा रोग की चपेट में आ गए हैं। इस रोग के पांव पसारने से क्षेत्र के लोग बच्चों की सेहत को लेकर चिंतित हो गए हैं। जानकारी के अनुसार शिवाबदार क्षेत्र के नागधार, बनौल, मैहणी, घ्राण और शिवा गांव में पिछले एक सप्ताह में 25 बच्चे खसरा रोग की चपेट में आए हैं। जिनका उपचार स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में किया गया।
खसरा रोग के एक साथ इतने मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आ गया है। जिन बच्चों को खसरा रोग फैला है, उसमें पांच से 12 साल तक के बच्चे शामिल हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने वीरवार को शिवाबदार को एक टीम भेजी है। उधर, जिला कार्यक्रम अधिकारी डा. अनुराधा ने कहा कि शिवाबदार को स्वास्थ्य विभाग की टीम गई है। खसरा रोग से पीड़ित बच्चों का प्राथमिकता से उपचार किया जा रहा है। लोगों को खसरा रोग पीड़ित बच्चों का कुछ दिन स्कूल और बाहर न भेजने की हिदायत दी गई है ताकि स्वास्थ्य बच्चे रोग की चपेट में न आ सकें।
क्या है खसरा रोग
खसरा बच्चों को होने वाला छूत का रोग है और यह रोग संक्रमण के कारण एक से दूसरे स्वस्थ बच्चे को होता है। इसलिए खसरा रोग जब किसी बच्चे को हो जाए तो उसके पास अन्य बच्चों को नहीं आने देना चाहिए।
रोग के लक्षण
खसरा रोग से पीड़ित रोगी को छींके आने लगती हैं तथा नाक से पानी बहने लगता है और आंखें लाल हो जाती हैं। खसरा रोग की शुरुआती अवस्था में रोगी व्यक्ति को तेज खांसी और बुखार रहता है। जब रोगी व्यक्ति को बुखार होता है तो उसके तीसरे दिन से उसके चेहरे तथा छाती पर लाल दाने दिखाई देने लगते हैं जो चार से पांच दिनों तक रहते हैं।
रोग होने के कारण
खसरा रोग बच्चों के गलत खान-पान तथा अस्वस्थ वातावरण में रहने के कारण होता है। मैले कपड़े पहनने, गंदे बिस्तर पर सोने तथा बंद कमरे में रहने के कारण खसरा रोग हो जाता है।