मंडी। मंडी जिला क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के निक्षय पोषण योजना के तहत टीबी मरीजों को हर माह दी जा रही राशि में 500 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने नवंबर से इसे 1000 रुपये करने का निर्णय लिया है, ताकि क्षयरोगी उपचार के साथ बेहतर खानपान से अपने स्वास्थ्य में सुधार ला सकें।
यह जानकारी सीएमओ डॉ. एनके भारद्वाज ने मंडी में हुई स्वास्थ विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक में दी। उन्होंने बताया कि जिले में प्रथम तिमाही में गर्भवती महिलाओं की पंजीकरण दर 98 प्रतिशत तक हो गई है। इन्हें प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत हर माह नौ तारीख को नजदीकी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही है।
आवश्यक जांच के दौरान यदि किसी गर्भवती महिला में कोई खतरे के लक्षण पाए जाते हैं तो उन्हें विशेष निगरानी में रखा जाता है, ताकि प्रसव या प्रसव उपरांत किसी तरह की कठिनाई का सामना न करना पड़े। सीएमओ ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि निर्धारित क्षेत्र में कोई 18 वर्ष से कम आयु की युवती का विवाह या गर्भावस्था का मामला मिलता है तो तत्काल उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया जाए।
उन्होंने मासिक धर्म स्वच्छता कार्यक्रम और एनीमिया मुक्त अभियान के तहत पात्र किशोर, किशोरियों को सेनेटरी नैपकिन और आयरन की गोलियां समय पर उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अरिंदम राय ने बताया कि जिला में एचआईवी, एड्स कार्यक्रम जागरूकता अभियान के तहत फोक शो किए जा रहे हैं। क्षय रोग उनमूलन कार्यक्रम के तहत निक्षय पोषण योजना में टीबी मरीजों को प्रदान की जा रही राशि को बढ़ाकर 1000 रुपये प्रति माह किया जा रहा है।
बैठक में जोनल अस्पताल के एमएस डॉ. धर्म सिंह वर्मा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश ठाकुर, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अनुराधा, डॉ. पवनेश और डॉ. ऊषा किरण सहित अन्य मौजूद रहे।