मंडी। हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ने सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य को वरिष्ठता संबंधी लाभ देने के आदेश दिए हैं। ट्रिब्यूनल के न्यायिक सदस्य डीके शर्मा की बेंच ने मंडी सर्किट के दौरान सुनाए फैसले में सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य विनोद कुमारी की याचिका की सुनवाई करते हुए प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग को उक्त आदेश दिए हैं।
ट्रिब्यूनल ने उच्च न्यायालय की ओर से हीरा लाल बनाम हिमाचल सरकार मामले में दी गई व्यवस्था के तहत याचिकाकर्ता का मामला कवर होने पर याचिकाकर्ता को इस मामले के तहत वरिष्ठता संबंधी सभी लाभ 8 सप्ताह में देने के निर्देश दिए हैं। अधिवक्ता एसपी चटर्जी के माध्यम से ट्रिब्यूनल में दायर याचिका के अनुसार सरकार ने जेबीटी अध्यापकों की वरिष्ठता उनकी पहली नियुक्ति से करने का फैसला लिया है, जिसमें उनके सेवाकाल के अप्रशिक्षित समय को भी शामिल किया गया है। याचिकाकर्ता के अनुसार उनका मामला उच्च न्यायालय की ओर से दी गई व्यवस्था के तहत कवर होता है। ऐसे में उन्हें वरिष्ठता संबंधी सभी लाभ मिलने चाहिए। याचिका के जवाब में सरकार का पक्ष था कि अगर याचिकाकर्ता का मामला इस व्यवस्था के तहत कवर होता है तो यह लाभ देने पर विचार किया जा सकता है। जिसके चलते ट्रिब्यूनल ने सरकार तथा शिक्षा विभाग को याचिकाकर्ता के मामले पर विचार करने तथा उच्च न्यायालय की व्यवस्था के तहत कवर होने पर वरिष्ठता संबंधी सभी लाभ 8 सप्ताह में जारी करने के निर्देश दिए हैं।