जोगिंद्रनगर में एचआरटीसी की बसों की हालत खराब
माइलेज पूरी कर चुकी बसों में यात्रियों को लंबी दूरी के सफर में भी झेलनी पड़ रही है परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। बस डिपो जोगिंद्रनगर में एचआरटीसी की खटारा बसों में सफर करने को मजबूर यात्रियों को अब धक्का-स्टार्ट बसों का सहारा लेना पड़ रहा है। अपनी माइलेज पूरी कर चुकी बसों में लंबी दूरी की यात्रा के दौरान यात्रियों को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बसों की सीटें जर्जर हो चुकी हैं, जिससे यात्रियों को पीठ दर्द जैसी समस्याएं भी हो रही हैं। खस्ताहाल सड़कों और खराब बसों के बीच सफर कर रहे यात्रियों की परेशानियों के बावजूद व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो पाया है।
बस डिपो में 80 से अधिक आरक्षित रूटों के लिए मात्र 45 बसें तैनात हैं। इनमें से अधिकांश बसें कलपुर्जों की कमी के कारण ठीक से संचालित नहीं हो पा रही हैं। हाल ही में वेतन न मिलने के कारण चालक और परिचालकों को बसों के पहिये तक जाम करने पड़े थे। अब वही चालक-परिचालक बसों को धक्का देकर स्टार्ट करने को मजबूर हैं। यात्रियों मुनीष, कमल और सविता ने बताया कि यहां नए बस रूट शुरू नहीं किए जा रहे हैं, जबकि कई पुराने रूट भी बंद कर दिए गए हैं। बताया कि जोगिंद्रनगर बस डिपो से सांयकालीन नालागढ़ डिपो की चंडीगढ़ बस सेवा बंद होने से यात्रियों को घर पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
कोट्स
बस डिपो जोगिंद्रनगर में माइलेज पूरी कर चुकी बसों की जगह कुछ नई बसों को शामिल करने की प्रक्रिया निगम द्वारा जारी है। कार्यशाला में मरम्मत के बाद बसों को रूट पर भेजा जा रहा है। हालांकि, तकनीकी खामियों के कारण कई बसें बीच रास्ते में ही खराब हो जाती हैं। ऐसी स्थिति में सुधार के प्रयास जारी हैं। -पंकज चड्ढा, मंडलीय प्रबंधक, हिमाचल पथ परिवहन निगम, डिविजन धर्मशाला।