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Mandi News: वीकेंड पर बरोट में उमड़े पर्यटक, चमका कारोबार

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उहल नदी में चेतावनी बोर्ड को दरकिनार कर जान जोखिम में डालते पर्यटक। संवाद
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पर्यटकों को भाने लगी मंडी-कांगड़ा सीमा से सटी चौहारघाटी की हरी भरी वादियां
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संवाद न्यूज एजेंसी

जोगिंद्रनगर (मंडी) । वीकेंड पर द्रंग हलके की चौहारघाटी के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बरोट में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ी। इससे चौहारघाटी के कारोबारी खुश हैं। मंडी-कांगड़ा सीमा से सटी चौहारघाटी की हरी भरी वादियों को निहारने के लिए उत्तर भारत के राज्य पंजाब, हरियाणा, उतराखंड, दिल्ली के पर्यटकों ने भी दस्तक दी है।
मैदानी इलाकों में गर्मी बढ़ने से हिमाचल की हरी भरी वादियों को निहारने के लिए कुल्लू-मनाली के बाद पर्यटन स्थल बरोट की तरफ भी पर्यटकों का रुझान बढ़ने लगा है। शनिवार को मंडी कांगड़ा सीमा के घट्टा बैरियर से करीब तीन हजार वाहनों में शामिल पर्यटकों के करीब 600 वाहन घटासनी से होकर चौहारघाटी की ओर बढ़े। टिक्कन के समीप अराध्य देव पशाकोट के धार्मिक स्थल में भी पर्यटकों ने शीश नवाजा। इसके बाद झंटीगरी, घोघरधार, राजगुंधा, बड़ा गांव और बड़ा भंगाल की और भी पर्यटकों की आवाजाही देखने को मिली। बरोट बाजार में खरीदारी के साथ 1932 के दशक की बनी शानन परियोजना की रेजरवायर को निहारने के लिए पर्यटकों का तांता लगा रहा। वहीं, जलान स्थित कर्नल बैटी के विश्राम गृह में भी पर्यटकों ने ब्रिटिश नागरिक की ओर से इस्तेमाल किए गए साजो सामान को निहारा। इसके अलावा चौहारघाटी के अनछुए पर्यटन स्थलों में भी पर्यटकों ने खूब मस्ती की। शानन परियोजना के आर ई सतीश कुमार ने बताया कि उहल नदी के समीप अठखेलियां और फोटोग्राफी न करने के लिए चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। बावजूद इसके स्थानीय लोग और पर्यटक अपनी जान पर जोखिम डाल रहे हैं। उन्हें परियोजना प्रबंधन और स्थानीय लोगों की ओर से जागरूक भी किया जा रहा है। डीएसपी पधर दिनेश कुमार ने बताया कि बरोट वैली में पर्यटकों की बढ़ती आमद को लेकर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।
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चेतावनी बोर्ड लगाने के बावजूद जान जोखिम में डाल नदी में अठखेलियां करते दिखे पर्यटक
चौहारघाटी में वीकेंड पर उमड़े जन सैलाब के बीच ऊहल नदी में भी जान जोखिम डाल कर पर्यटक अठखेलियां करते रहे। यहां पर चेतावनी बोर्ड को भी जब इन्होंने अनदेखा कर दिया तो अन्य लोगों ने पर्यटकों को हादसों की आशंका बताकर बाहर आने का आह्वान किया। ऊहल नदी में बारिश के दौरान अचानक पानी का बहाव तेज हो जाने से हादसों की आशंका बनी रहती है। बरोट स्थित शानन परियोजना की रेजरवायर में भी पानी जब खतरे के निशान पर पहुंच जाता है तो अचानक गेट खोलने के दौरान भी उहल नदी में बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं।
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