मंडी। चरस के साथ पकड़े जाने का अभियोग साबित होने पर अदालत ने एक आरोपी को तीन साल के कठोर कारावास और 25,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। आरोपी की ओर से जुर्माना राशि निश्चित समय में अदा न करने पर उसे छह महीने का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सरकाघाट सचिन रघु के विशेष न्यायालय ने एनडीपीएस की धारा 20 के तहत अभियोग साबित होने पर पद्धर तहसील के चुहाल (रोपा) निवासी विद्या सागर पुत्र लेख राम को तीन साल के कठोर कारावास और पच्चीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार 10 मार्च 2023 को पुलिस का दल उप निरीक्षक हरीश चंद्र की अगुवाई में कांधार में वाहनों की चेकिंग के लिए मौजूद था। इसी दौरान एक राहगीर हाथ में एक बैग उठाए झटींगरी से घटासनी की ओर जा रहा था। पुलिस को देख कर आरोपी घबरा गया। जिस पर पुलिस ने आरोपी की संदेह के आधार पर तलाशी ली तो उससे एक किलो बीस ग्राम चरस बरामद हुई थी। हालांकि बाद में रासायनिक परीक्षण के दौरान चरस की मात्रा एक किलो से कम होने के कारण व्यवसायिक मात्रा में नहीं रह गई थी। तहकीकात पूरी होने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अदालत में अभियोग चलाया था। अभियोजन पक्ष की ओर से उप जिला न्यायवादी राजीव शर्मा ने बताया कि इस मामले में 11 गवाहों के बयान अदालत में दर्ज करवाए गए। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों और दस्तावेजों से आरोपी पर चरस की तस्करी करने का अभियोग संदेह की छाया से दूर साबित हुआ है। इसके चलते अदालत ने आरोपी को उक्त कारावास और जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया है।