जोगिंद्रनगर के गलू में तीन दिवसीय देवता मेले के शुभारंभ पर देवी-देवीताओं व अन्य श्रद्धालुगण। स्
देव पशाकोट की अगुवाई में निकाली पहली भव्य शोभायात्रा, उमड़ा जनसैलाब
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। शहर के साथ लगते गलू देवता मेले का आगाज देव मिलन और नारियल बलि के साथ हुआ। चौहार घाटी के अराध्य देवी-देवताओं की अगुवाई में मंगलवार को शोभायात्रा निकाली गई। सैकड़ों की तादाद में क्षेत्रवासियों ने देव पशाकोट के आगे शीश नवाकर आशीर्वाद लिया। ढोल नगाड़ों की धुन और शहनाइयों के बीच देवताओं के गुरों ने देवताओं की पूजा अर्चना की। इसे देखने के लिए सड़क पर हजारों की संख्या में जनसैलाब उमड़ा हुआ था।
मंगलवार दोपहर बाद गलू मेले के शुभारंभ पर स्थानीय पुलिस और प्रशासन सतर्क रहा। मेले में पहुंचे देवलुओं और आसपास के लोगों पर पैनी नजर बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। गलू देवता मेले में प्राचीन समय में पशु बलि प्रचलित थी। बीते कुछ वर्ष पहले प्रदेश उच्च न्यायालय ने पशु बलि पर रोक लगा दी है। हालांकि इस बार भी नारियल बलि के साथ देवता मेले का शुभारंभ हुआ।
गलू के ऐतिहासिक देवता मेले का शुभारंभ मंगलवार को एसडीएम मनीश चौधरी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर मेले का शुभारंभ किया। उन्होंने मेले में पहुंचे चौहार घाटी के अराध्य देवी-देवताओं का स्वागत किया और पूजा अर्चना कर शीश नवाजा।
इससे पहले हारगुनैण पंचायत की पूर्व प्रधान एवं मेला समिति की अध्यक्षा कला देवी व पूर्व उपप्रधान सन्नी बिष्ठ ने अपने समिति के सदस्यों के साथ मेले के शुभारंभ पर शिरकत करने पहुंचे देवी-देवताओं की पूजा अर्चना करने के बाद मुख्य अतिथि का स्वागत किया और शॉल, टोपी और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। मेले के शुभारंभ पर महिला मंडलों और स्थानीय कलाकारों के सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।