जोगिंद्रनगर (मंडी)। बेटियां आज नए भारत की पहचान हैं और इनके आत्मविश्वास, साहस व मेहनत से हर वह बड़े मुकाम आसान हैं। ऐसा उदाहरण मंडी के जोगिंद्रनगर में एक ही परिवार की तीन बहनों ने पेश किया है। जोगिंद्रनगर शहर से सटी ढेलू पंचायत से संबंध रखने वाली तीन सगी बहनों में सबसे बड़ी बेटी डॉ. स्वाति वर्मा ने पीएचडी करने के बाद मंडी जिला के बागवानी और फोरेस्टरी (विश्वविद्यालय सोलन) थुनाग स्थित गोहर विश्वविद्यालय में बकौल असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर तैनाती पाई है। दूसरे नंबर की बेटी विशाखा अमेरिका के कैलीफोर्निया में एक सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल में डॉक्टर पद पर तैनात होकर आत्मनिर्भर बनी है। वहीं तीसरी बहन भारती वर्मा एनआईटी हमीरपूर में एमटेक (कम्यूनिकेशन एंड नेटवर्क) की पढ़ाई में गोल्ड मेडल हासिल कर अब आईआईटी मंडी में पीएचडी कर रही है। भारती रिसर्च और पढ़ाई के क्षेत्र में बेटियों का भविष्य संवारने के लिए बकौल असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर नियुक्ति देने का सपना सजाए हुए हैं। इनकी दो बड़ी बहनों ने शिक्षा के क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित कर समाज में बेटियों के हुनर का परचम लहराया है। जोगिंद्रनगर से संबंध रखने वाली एक ही परिवार की इन तीन बेटियों की इस उपलब्धि पर हर कोई नाज कर रहा है।
बेटियों को उनके सपनों के तहत भरने दें उड़ान : पवना
जोगिंद्रनगर ढेलू पंचायत से संबंध रखने वाली तीन सगी बहनों में शामिल डॉ. स्वाति वर्मा, विशाखा और भारती के पिता गोपी चंद वर्मा हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड से सहायक अभियंता पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें बेटे से ज्यादा बेटियों ने प्यार देकर सम्मान बढ़ाया है। माता पवना वर्मा ने कहा कि बेटियां धरती से आसमान तक अपने हुनर का परचम लहराने में सक्षम हो गई हैं। तीनों बेटियों की उपलब्धि पर नाज करते हुए उन्होंने समाज में बेटियों के सपने को उनकी इच्छा के अनुसार उड़ान भरने की अपील भी की है।