पिछले साल 28,464 बैग पहुंचे थे 9 खरीद केंद्रों में, अब एचपीएमसी ने बंद किए खरीद केंद्र
सतीश ठाकुर
गोहर ( मंडी)। जिले में इस साल हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन और प्रसंस्करण निगम लिमिटेड (एचपीएमसी) के सेब खरीद केंद्रों में 15,194 बैग ही पहुंच पाए हैं, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 28 हजार 464 था। इस बार एचपीएमसी के खरीद केंद्रों में पिछले साल की तुलना में 13,270 सेब के बैग कम पहुंचे हैं। इस साल सेब की कम फसल भी इसका एक कारण है।
जिले के सेब उत्पादित क्षेत्रों में ओलों की मार और बारिश, ठंड से खराब सेब टनों के हिसाब से एचपीएमसी के विक्रय केंद्रों में पहुंचता था। एचपीएमसी खरीद किए गए सेब का जूस तैयार करता है। बागवानों चंद्रमनी, रमेश, राम लाल, तपेंद्र, मोहन, लाला राम, हरनाम, पवन, जगदीश, हेमराज, लाभ सिंह, दीवान चंद, नेत्र सिंह और भगवान दास ने बताया कि बागवानों ने ओलों से खराब और गोल्डन सेब एचपीएमसी को दिया है।
इस बार दिल्ली की आजादपुर मंडी में सेब के दामों में गिरावट दर्ज की गई है। स्पर और नई वैरायटियों का सेब पिंजौर और परवाणू मंडियों में हाथों हाथ बिका। मंडी जिला में करसोग, चुराग, चरखडी, पांगणा, शकोहर, थमाड़ी, रोहांडा, बाढ़ू, घीड़ी, कुटाहची, सरोआ, फंग्यार, जहल, धंग्यारा, सलाहर, काढ़ा, बगस्याड़, थुनाग, जंजैहली, छतरी, पंजाई, थाची और द्रंग क्षेत्रों में सेब की पैदावार होती है। प्रदेश सरकार ने इस बार सेब का समर्थन मूल्य नहीं बढ़ाया है। इससे एचपीएमसी ने इस बार भी 12 रुपये प्रति किलो सेब की खरीद की। वहीं, सेब सीजन अब समाप्त हो गया है।
कोट्स
-सेब सीजन संपन्न होने के बाद विक्रय केंद्र बंद कर दिए गए हैं। पिछले साल एचपीएमसी ने मंडी जिला में 28,464 बैग सेब की खरीद की थी। इस बार एचपीएमसी के सेल सेंटरों में 4 गुणा कम सेब पहुंचा है।
- हरीश कुमार, प्रभारी, एचपीएमसी चिंडी विक्रय केंद्र
एचपीएमसी के इन खरीद केंद्रों में पहुंचा इतना सेब
बगस्याड़ 3134
चियूनी 774
चिंडी 3967
महासू 1453
छतरी 1230
कटांढा 1072
चरखडी 770
निहरी 182
सेरी 2612
कुल 15194 बैग