बरोट (मंडी)। पंजाब राज्य विद्युत बोर्ड के अधीन 110 मेगावाट के शानन जलविद्युत प्रोजेक्ट में मरम्मत कार्य के लिए 13 करोड़ की राशि मंजूर की गई। इस राशि से शानन और बरोट डैम क्षेत्र की सुरक्षा के लिए रेलिंग, सड़कों, क्रेटवाल और मशीनरी की मरम्मत की जाएगी। इस प्रोजेक्ट से हर साल पंजाब विद्युत बोर्ड को करोड़ों का राजस्व प्राप्त होता है। शानन प्रोजेक्ट की अनदेखी का मामला सांसद रामस्वरूप शर्मा और जोगिंद्रनगर के विधायक गुलाब सिंह ठाकुर ने केंद्र के समक्ष उठाया था। साथ ही पंजाब सरकार को भी पत्र लिखा था।
शानन प्रोजेक्ट निर्माण के लिए बनाई गई ट्रॉमवे ट्राली पिछले कई साल से बंद पड़ी है। प्रोजेक्ट क्षेत्र में सड़कों की हालत बदतर है। ऊहल नदी के साथ क्रेटवाल, डैम साइट पर सुरक्षा के लिए रेलिंग तक नहीं लग पाई। प्रोजेक्ट की मशीनरी रख रखाव के अभाव में जर्जर हो चुकी है। स्थानीय लोग भी पंजाब सरकार से प्रोजेक्ट के विकास कार्यों के लिए धनराशि देने की मांग करते रहे हैं। लंबे समय बाद पंजाब विद्युत बोर्ड ने प्रोजेक्ट में मरम्मत कार्य के लिए 13 करोड़ की राशि मंजूर की है।
बरोट और मुल्थान निवासी हीरा लाल, दौलत राम, कृष्ण सिंह, प्रेम चंद ने बताया कि बरसात का मौसम आने वाला है। प्रोजेक्ट प्रबंधन की ओर से कई साल पहले ऊहल नदी किनारे जो दीवारें बनाई गई थीं, वे टूट चुकी हैं। वर्ष 2012 में भी ऊहल नदी में बाढ़ आने से भारी नुकसान हुआ था। चार साल बीत जाने के बाद भी पंजाब सरकार और विद्युत बोर्ड ने क्षेत्र में कोई काम नहीं किया। सांसद रामस्वरूप शर्मा ने केंद्र में इस मुद्दे को उठाया। इसके बाद केंद्र की टीम ने प्रोजेक्ट की मशीनरी व क्षेत्र की समस्याओं का निरीक्षण किया। क्षेत्र के लोग अरसे से शानन प्रोजेक्ट को हिमाचल को सौंपने की मांग कर रहे हैं, ताकि क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा और स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सके। शानन परियोजना के एसई जेएस पठानिया ने कहा कि शानन और बरोट की सड़कों, क्रेटवाल, मशीनरी की मरम्मत और अन्य कार्यों के लिए 13 करोड़ की राशि स्वीकृत हुई है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।