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Mandi News: नवरात्र में इस बार बगलामुखी माता रोपवे के किराये में नहीं मिलेगी छूट

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चुकाना होगा 350 रुपये सामान्य किराया
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घाटे का हवाला देकर आरटीडीसी ने राहत से किया इन्कार
पिछली बार आने-जाने का किराया मात्र 100 रुपये रखा गया था
डिजिटल पर न चलाएं
सौरभ कुमार
पंडोह (मंडी)। नवरात्र के पावन अवसर पर माता बगलामुखी मंदिर के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को इस बार रोपवे किराये में किसी भी प्रकार की छूट नहीं मिलेगी। रोपवे टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (आरटीडीसी) ने स्पष्ट किया है कि सभी श्रद्धालुओं को 350 रुपये का पूरा किराया ही देना होगा।



पिछले नवरात्र के दौरान मंडी और कुल्लू के स्थानीय लोगों को विशेष राहत देते हुए आने-जाने का किराया मात्र 100 रुपये रखा गया था, जिससे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को सुविधा मिली थी। हालांकि इस बार निगम ने घाटे का हवाला देते हुए किसी भी प्रकार की रियायत देने से इन्कार कर दिया है।
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रोपवे के माध्यम से श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में काफी सुविधा मिलती है। विशेषकर बुजुर्गों और असमर्थ श्रद्धालुओं के लिए यह सेवा बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि पैदल मार्ग कठिन और समय लेने वाला है।
वर्ष 2025 की आपदा के बाद पंडोह से बखली जाने वाला मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और पुल भी बह गए थे। वर्तमान में दरिया के बीच से अस्थायी रास्ता बनाया गया है, जो जलस्तर बढ़ने पर अक्सर बंद हो जाता है। ऐसे में रोपवे ही सुरक्षित और विश्वसनीय विकल्प बनकर सामने आया है। इस बीच मंदिर कमेटी के प्रधान टेक चंद ने बताया कि किराये में रियायत के लिए ई-मेल के माध्यम से शिमला स्थित आरटीडीसी कार्यालय को पत्र भेजा गया है, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। वहीं, स्थानीय ग्रामीणों रेवती ठाकुर, भूपेंद्र मियां और दामोदर ने प्रशासन से मांग की है कि नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए किराये में रियायत दी जानी चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग माता के दर्शन कर सकें।
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बयान
रोपवे पहले से ही आर्थिक नुकसान में चल रहा है, ऐसे में किराये में छूट देना संभव नहीं है। संचालन लागत और रखरखाव को देखते हुए वर्तमान किराया ही लागू रहेगा। -अजय शर्मा निदेशक आरटीडीसी।
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