जोगिंद्रनगर (मंडी)। सनातन धर्म सभा मंदिर जोगिंद्रनगर में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित धार्मिक कार्यक्रम में महामंडलेश्वर स्वामी राम मोहनदास रामायणी ने कहा कि मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं हो सकता। हर व्यक्ति को हमेशा ध्यान रखना होगा कि जीवन की सार्थकता बनाए रखने के लिए वह जरूरत पड़ने पर असहाय लोगों की सेवा में हमेशा आगे रहेंगे।
कहा कि मानव जीवन में हर व्यक्ति का नैतिक धर्म है कि वह भूखे को अन्न और प्यासे को जल की व्यवस्था निस्वार्थ भाव से करे। उन्होंने स्वामी विवेकानंद जैसे महान व्यक्तित्व के उपदेशों का वर्णन करते हुए कहा कि सही मायने में मानवता की सेवा ही मोक्ष की प्राप्ति का एक विकल्प है। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप भागवत महाग्रंथ की आरती उतारी गई। धार्मिक कार्यक्रम के मुख्य आयोजक एवं सनातन धर्म सभा मंदिर समिति के अध्यक्ष जुगल किशोर गुप्ता ने कहा कि 15 अगस्त तक श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में यह धार्मिक कार्यक्रम जारी रहेगा। संवाद