करसोग (मंडी)। जिला मंडी के उपमंडल करसोग के एक मात्र नागरिक चिकित्सालय में पिछले कई सालों से स्त्री रोग विशेषज्ञ ही नहीं है। इस कारण क्षेत्र की हजारों महिलाओं को रोजाना परेशान होना पड़ रहा है। क्षेत्र की महिलाओं को उपचार के लिए रोजाना 100 से 110 किलोमीटर तक दूर शिमला और मंडी की दौड़ लगानी पड़ रही है।
करीब सवा लाख आबादी की स्वास्थ्य का जिम्मा संभालने वाले करसोग अस्पताल में गायनी विशेषज्ञ नहीं होने के कारण सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं को झेलनी पड़ी रही हैैं। ऐसे में अधिक दूर जाने से बेहतर गर्भवती महिलाएं निजी अस्पतालों में उपचार करवा रही हैं, जहां पर उन्हें बहुत महंगा इलाज मिलता है। वही, गरीब महिलाओं को तो मंडी और शिमला ही जाना पड़ता है।
बता दें कि 300 से 400 ओपीडी वाले इस अस्पताल में रोजाना 100 से अधिक गर्भवती महिलाएं इलाज के लिए आती हैं, जिन्हें बाद में यहां से रेफर ही करना पड़ता है। लोगों का आरोप है कि चार दशक बाद भी स्त्री रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति नहीं हो सकी है। लोगों ने एक बार फिर सरकार से मांग की है कि महिलाओं की सुविधा के लिए यह विशेषज्ञ की तैनाती की जाए।
उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी मंडी डॉ. नरेंद्र कुमार भारद्वाज का कहना है कि डॉक्टरों के खाली पदों का विषय सरकार के ध्यान में लाया गया है। इसके अतिरिक्त उच्चाधिकारियों को भी हर महीने खाली पदों की रिपोर्ट भी भेजी जा रही है।