गोहर (मंडी)। सराज घाटी में आपदा से पटरी से उतरा जनजीवन फिर से पटरी पर लौटने लगा है। थुनाग से जंजैहली तक मुख्य मार्ग के बहाल होने से लोगाें की पीठ का बोझा फिर से सड़क ने संभाल लिया है। वीरवार को निजी बस सेवा शुरू होने से ग्रामीणों में खुशी है। सुबह 11:30 बजे बस जंजैहली पहुंची। इससे ग्रामीणों के चेहरे खिल गए। उम्मीद जताई कि फिर से जंजैहली घाटी में विकास पटरी पर लौटेगा।
आपदा के बाद क्षेत्र में सब कुछ तहस नहस हो गया था। सड़कें, रास्तें भी क्षतिग्रस्त थे। पैदल ही आवाजाही हो रही थी। जरूरी सामान की चीजें भी ग्रामीण पीठ पर ही ढो रहे थे। थुनाग तक मार्ग बहाल हो गया था लेकिन जंजैहली तक मार्ग बहाल होने से समय लग गया। इससे 16 किलोमीटर दूर से ग्रामीण सामान ढोने को मजबूर थे। अब मार्ग के बहाल होने और बड़े वाहनों की आवाजाही से राहत मिली है।
स्थानीय निवासी भीष्म ठाकुर, प्रकाश ठाकुर, ललित शर्मा और पनु ने बताया कि जब से जंजैहली में बस पहुंची है, लोगों को उम्मीद की एक नई किरण दिखाई देने लगी है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि जल्द शेष क्षतिग्रस्त मार्ग की भी मरम्मत करवाई जाए ताकि नियमित परिवहन सेवा शुरू हो सके। जंजैहली एक प्रमुख पर्यटन स्थल होने के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी व्यापारिक केंद्र है। ऐसे में सड़क बहाली से न केवल स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी बल्कि क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में भी रफ्तार आएगी।
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