मंडी। अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव में देवधुन, वाद्ययंत्र एवं देवलू नाटी प्रतियोगिताओं का अंतिम चरण शुक्रवार को छोटी काशी मंडी में हुआ। इस दौरान अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। उन्होंने विजेता दलों को पुरस्कृत किया। कहा कि देवधुन और देवलू नाटी जैसी पारंपरिक प्रतियोगिताएं हमारी विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
प्रतियोगिता में 85 देवताओं के बजंतरियों ने वाद्ययंत्र श्रेणी में भाग लिया। देवलू नाटी प्रतियोगिता में 9 देवताओं के देवलू नाटी दलों ने हिस्सा लिया। देवलू दलों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनों पर अपनी उत्कृष्ट कला का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। पारंपरिक नाटी की मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया।
प्रतियोगिता के परिणामों में देवधुन, वाद्ययंत्र श्रेणी में श्री देव छमांहू खणी बालीचौकी के दल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम, श्री देव अजयपाल कासला द्रंग के दल ने द्वितीय, श्री देव कांढलू बालाकामेश्वर बग्गी के दल ने तीसरा स्थान हासिल किया।
वहीं, देवलू नाटी प्रतियोगिता में देव श्री सुहड़े का गैहरी उतरशाल के दल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। देव श्री छांजणू बालीचौकी के दल ने दूसरा और देव श्री तुंगासी निहरी सराज के दल ने तीसरा स्थान हासिल किया। इस अवसर पर जिला भाषा अधिकारी रेवती सैणी, सर्व देवता समिति के महासचिव दिनेश शर्मा व अन्य मौजूद रहे। संवाद