विधायक ने उठाए निर्माण गुणवत्ता पर सवाल
27 करोड़ की सड़क पर लीपापोती का आरोप
जांच पूरी होने तक पैचवर्क रोकने और तकनीकी कमेटी गठित करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
पधर (मंडी)। लोक निर्माण विभाग पधर मंडल के अंतर्गत झटिंगरी-बासाधार सड़क पर हाल ही में की गई टारिंग महज दो-तीन महीनों में ही उखड़ने लगी है। द्रंग विधायक पूर्ण चंद ठाकुर ने पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। वहीं, मंडी-पठानकोट नेशनल हाईवे फोरलेन समन्वय समिति ने भी विभागीय कार्रवाई न होने पर अदालत का दरवाजा खटखटाने की चेतावनी दी है।
विधायक ने बताया कि केंद्र सरकार ने इस सड़क के निर्माण के लिए करीब 27 करोड़ रुपये की राशि जारी की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों और गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। विधायक ने मुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तकनीकी विशेषज्ञों और अभियंताओं की एक विशेष कमेटी गठित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में विभाग की ओर से सड़क पर शुरू किए गए पैचवर्क को जांच पूरी होने तक रोक दिया जाना चाहिए, ताकि सड़क की वास्तविक स्थिति और निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता का आकलन किया जा सके।
दूसरी ओर मंडी-पठानकोट नेशनल हाईवे फोरलेन समन्वय समिति के सचिव महेंद्र गुलेरिया ने कहा कि उन्होंने 22 अगस्त को ही लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर खराब टारिंग कार्य की शिकायत की थी। हालांकि, एक माह बीत जाने के बाद भी विभाग की ओर से न तो कोई कार्रवाई की गई और न ही कोई आधिकारिक जवाब दिया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विभाग ने मामले में लीपापोती करने की कोशिश की तो समिति न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने से पीछे नहीं हटेगी।
लोक निर्माण विभाग पधर के अधिशासी अभियंता विनायक कश्यप ने बताया कि हाल ही में हुई भारी बरसात के कारण टारिंग को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नुकसान की भरपाई के लिए संबंधित ठेकेदार की जवाबदेही तय कर दी गई है। ठेकेदार द्वारा अपने खर्च पर विभागीय देखरेख में मरम्मत का काम करवाया जा रहा है।