जोगिंद्रनगर (मंडी)। उत्तर भारत के सुगमता केंद्र (आरसीएफसी) को जोगिंद्रनगर में ही यथावत रखने की मांग को लेकर आरसीएफसी बचाओ संघर्ष समिति का एक प्रतिनिधिमंडल उत्तर भारत के किसानों के साथ नई दिल्ली स्थित केंद्रीय आयुष मंत्रालय पहुंचा। संघर्ष समिति के अध्यक्ष गुरुशरण परमार और सदस्य बृजगोपाल अवस्थी की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने नेशनल मेडिसिनल प्लांट्स बोर्ड के उच्चाधिकारियों से मुलाकात की।
इस दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद अनुराग ठाकुर के आह्वान पर दिल्ली पहुंचे सदस्यों ने इस केंद्र को जोगिंद्रनगर से सोलन स्थानांतरित करने के फैसले पर सवाल उठाए। प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों को अवगत करवाया कि बीते नौ वर्षों में पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के 10 हजार से अधिक किसानों ने इस केंद्र से सीधा लाभ उठाया है।
हरियाणा के प्रगतिशील किसानों ने भी केंद्र की उपयोगिता पर अपनी बात रखी। संघर्ष समिति के अध्यक्ष गुरुशरण परमार ने बताया कि आयुष मंत्रालय के अधिकारियों के समक्ष सभी तथ्य मजबूती से रख दिए गए हैं। अब मंत्रालय के सकारात्मक निर्णय का इंतजार है।
दूसरी ओर जोगिंद्रनगर के रामलीला मैदान में चल रहे आंदोलन की अगुवाई कर रहे माकपा नेता और जिला परिषद सदस्य कुशाल भारद्वाज ने बताया कि सात सितंबर को प्रस्तावित आक्रोश रैली में 5,000 से अधिक आंदोलनकारी जुटेंगे। इसमें उत्तर भारत के किसानों सहित विधानसभा क्षेत्र की 40 से अधिक पंचायतों के लोग, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और व्यापार मंडल जोगिंद्रनगर के कारोबारी हिस्सा लेंगे।
वहीं, क्रमिक अनशन के 12वें दिन भराडू पंचायत की निशा देवी, मती देवी, प्रिया और रीता देवी ने अनशन की कमान संभाली। इस अवसर पर रोटेरियन अजय ठाकुर, रामलाल वालिया, ज्ञान ठाकुर, शेर सिंह, कांशी राम, भूपेंद्र, नरेंद्र, विशाल, अजय बावा और कैप्टन लाभ सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।