थुनाग (मंडी)। शिकारी देवी माता के दर्शनों की अभिलाषा रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर है। लोक निर्माण विभाग ने भारी बर्फबारी के कारण पिछले चार माह से बंद शिकारी देवी मार्ग को कड़ी मशक्कत के बाद यातायात के लिए बहाल कर दिया है। मार्ग खुलने से अब 19 मार्च से शुरू होने वाले चैत्र नवरात्र के दौरान श्रद्धालु बिना किसी बाधा के माता के दरबार में शीश नवा सकेंगे।
सर्दी के मौसम में नवंबर से ही भारी हिमपात के कारण प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से शिकारी देवी के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही पर पूर्ण रोक लगा दी थी। इस दौरान समूचा क्षेत्र कई फीट बर्फ की सफेद चादर से ढक गया था और सड़क पूरी तरह अवरुद्ध हो गई थी। लोक निर्माण विभाग की टीम ने करीब एक माह से बर्फ हटाने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया था। विभाग के कर्मियों और मशीनों ने कई जगह छह से 10 फीट तक जमी बर्फ की मोटी परतों को काटकर सड़क को आवाजाही के योग्य बनाया है। दुर्गम क्षेत्र और कड़ाके की ठंड के बावजूद विभाग ने समय रहते लक्ष्य को पूरा कर लिया है। 19 मार्च से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्र को देखते हुए इस मार्ग की बहाली बेहद महत्वपूर्ण थी। हर साल नवरात्र के दौरान यहां देश-प्रदेश से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। सड़क खुलने से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय कारोबारियों के चेहरे पर भी रौनक लौट आएगी।
लोक निर्माण विभाग मंडल जंजैहली के अधिशासी अभियंता नीतिश शर्मा ने बताया कि विभाग ने भारी बर्फबारी के बावजूद समय पर सड़क को बहाल कर दिया है। अब श्रद्धालु चैत्र नवरात्र में सुगमता से मंदिर पहुंच सकेंगे। सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। मंदिर प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष और एसडीएम थुनाग संजीत शर्मा ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम का मिजाज देखते हुए ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं और आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करें।