पंडोह के सियोग में चल रहे त्रिपुर भैरवा मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में झूमते हुए दर्शक। सं
पंडोह (मंडी)। पंडोह के सियोग पंचायत में सात दिवसीय माता त्रिपुर भैरवा मेले की दूसरी और अंतिम सांस्कृतिक संध्या शुक्रवार रात को हुई। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में गायक सुनील चौहान और गोविंद्र भारद्वाज ने हिंदी, पहाड़ी और पंजाबी गीतों की प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सुनील चौहान ने प्रसिद्ध पंजाबी गीत ‘तेरा यार बोल्दा’, ‘दिल ले गई कुड़ी गुजरात दी’, ‘कजरा मोहब्बत वाला’ के अलावा पहाड़ी गीत ‘बुरा लागा गे तेरा पाणी पियूंणा’ आदि गानों पर दर्शकों को झूमने पर विवश कर दिया। वहीं, गोविंद भारद्वाज ने शिव स्तुति ‘शिव कैलाशों के वासी धौलीधारों के राजा’ से कार्यक्रम की शुरूआत की। इसके बाद उन्होंने नॉन-स्टॉप पहाड़ी नाटियों और हिंदी गानों पर दर्शकों को खूब नचाया।
सांस्कृतिक संध्या में पहाड़ी गायक खेमू चौहान ने माता की भेंट के साथ कार्यक्रम का आगाज किया और बाद में ‘इश्क दा गिद्दा पैंदा’ और अन्य पहाड़ी गीतों से समां बांधा। क्रांतिकारी युवक मंडल पंडोह के कलाकारों ने भी अपनी नृत्य प्रस्तुतियों से सबका दिल जीत लिया। सुनीता भारद्वाज, आनंद कुमार अनु और मोहन गुलेरिया की प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा।
कार्यक्रम के मुख्यातिथि स्थानीय कारोबारी सतपाल ठाकुर का मेला कमेटी की अध्यक्ष वीना महंत और अन्य सदस्यों ने स्वागत किया और उन्हें शॉल, टोपी और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। वीना महंत ने मेले के सफल आयोजन के लिए सभी कमेटी सदस्यों और स्थानीय जनता का धन्यवाद व्यक्त किया।
पंडोह के सियोग में चल रहे त्रिपुर भैरवा मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में झूमते हुए दर्शक। सं