बरोट (मंडी)। चौहारघाटी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बरोट में चिकित्सक न होने से मरीजों को उपचार सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है। गंभीर मरीजों को परिजनों की ओर से नागरिक अस्पताल पधर और जोगिंद्रनगर पहुंचाना पड़ रहा है। इससे मरीजों को परेशानी हो रही है। विभाग लापरवाह बना हुआ है और वैकल्पिक इंतजाम भी नहीं किए हैं।
बरोट निवासी चमेल सिंह, राम सिंह, बलीराम, रामशरण आदि ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरोट में दो माह से एकमात्र चिकित्सक ही सेवारत है। वह भी बीते दो दिन से एक सप्ताह के अवकाश पर हैं। स्वास्थ्य केंद्र बरोट में साथ लगते जिला कांगड़ा के कुछ क्षेत्र, छोटा भंगाल सहित चौहारघाटी की 20 हजार आबादी स्वास्थ्य लाभ लेती है। अस्पताल में करीब 80 मरीजों की ओपीडी होती है।
बरोट सीएचसी में चार चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं, जिनमें अभी केवल एकमात्र चिकित्सक ही सेवाएं दे रहा है। चिकित्सक के अवकाश पर होने के चलते मरीजों को दूर दराज के अस्पतालों में आपातकाल में ले जाना पड़ता है।
....केस स्टडी
शनिवार सुबह बरोट निवासी लेखराज को कुछ लोग उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे। मरीज का बीपी बढ़ने से वह लंबाडग बाजार में गिर गए थे। इसे स्वास्थ्य लाभ देने के लिए लोग अस्पताल लाए हैं, लेकिन यहां चिकित्सक न होने से मरीज को उपचार नहीं मिल पाया है, हालांकि अस्पताल में तैनात स्टाफ ने चिकित्सक को फोन करके मरीज की हालत बताई, जिस पर चिकित्सक रोहित ने उन्हें दवाई बताई है।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरोट में सेवारत एकमात्र चिकित्सक के अवकाश पर गए हैं। क्षेत्रवासियों की सुविधा को देखते हुए सोमवार से अतिरिक्त चिकित्सक को प्रतिनियुक्ति पर भेजा जाएगा। अस्पताल में रिक्त चल रहे अन्य चिकित्सकों के पदों को भरने के लिए स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है।
डाॅ. संजय गुप्ता, बीएमओ पधर
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