माधोराय मंदिर से निकाली शोभायात्रा, दो दिवसीय से एक दिन पर सिमटा आयोजन
बजट की कमी और पुरानी देनदारियां बनी मेले के भव्य आयोजन में बाधा
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष सुमन ठाकुर की ओर से 2019 में शुरू किया गया टारना मेला पूर्व महापौर वीरेंद्र भट्ट के कार्यकाल में सांस्कृतिक संध्याओं के साथ भव्य रूप में आयोजित होने लगा था। हालांकि, इस बार मेला दो दिन के बजाय एक दिन में सिमट गया, जिससे रौनक कम रही और लोगों ने पुराने भव्य आयोजनों को याद किया। दुर्गाष्टमी पर टारना माता नवरात्रि मेले का शुभारंभ सुबह 10 बजे ऐतिहासिक राज देवता माधोराय मंदिर में पूजा-अर्चना से हुआ। इसके बाद बाबा भूतनाथ, सिद्धकाली और भैरवनाथ का आशीर्वाद लिया गया। माधोराय मंदिर से टारना पौड़ियों होते हुए माता टारना मंदिर तक शोभायात्रा निकाली गई। मंदिर परिसर में सुबह 11 बजे पूजा, 11:15 बजे कन्या पूजन व भजन कार्यक्रम और 11:30 बजे स्वयं सहायता समूहों के स्टॉलों का उद्घाटन हुआ। इससे स्थानीय महिलाओं और कारीगरों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
मेले की फीकी रौनक पर उपमहापौर जितेंद्र शर्मा ने बताया कि बजट की कमी, पुरानी देनदारियों और हाउस में पार्षदों की सहमति के चलते इस बार केवल पूजा-अर्चना व धार्मिक परंपराओं पर ध्यान दिया गया। उन्होंने अगले वर्ष मेले को फिर भव्य रूप में आयोजित करने का प्रयास करने का आश्वासन दिया। इस दौरान महापौर सुमन ठाकुर, उपमहापौर जितेंद्र शर्मा, पार्षद, आयुक्त डॉ. मदन कुमार, अन्य अधिकारी-कर्मचारी और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।