मंडी। मंडी-पंडोह के बीच जागर पंचायत के सांबल नाले में दो साल पहले बादल फटने से हुए भीषण हादसे में नितेश की पत्नी, बहन और छह महीने की मासूम बेटी बह गई थी। उनका अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। 26 वर्षीय नितेश ने करीब 22 दिन घटनास्थल पर डेरा डाले रखा, लेकिन हाथ खाली ही रहे। अब भी समय मिलने पर नितेश घटना स्थल पर पहुंचकर घंटों इसी उम्मीद में बैठा रहता है कि शायद परिजनों के शव ही मिल जाएं।
नितेश अपने परिजनों के अंतिम दर्शन तक नहीं कर पाया। यह टीस उनके दिल में आज भी है। नितेश ने उन्हें ढूंढने के हरसंभव प्रयास किए। जब कुछ हाथ नहीं लगा तो दो साल पहले उनके मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करना पड़ा। हादसे में नितेश की मां का पैर कट गया। नितेश अब अपाहिज मां और दो बहनों के साथ किराये के मकान में रह रहा है। दोनों बहनें पढ़ाई कर रही हैं जबकि वह दिहाड़ी मजदूरी कर जीवनयापन कर रहा है।
नितेश ने बताया कि करीब एक महीने पहले ही तीनों परिजनों के मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त हुए हैं। उसने संबंधित दस्तावेजों के साथ डेथ क्लेम की पूरी फाइल प्रशासन को सौंप दी है। नितेश की सरकार से मांग है कि उसे दो से तीन बिस्वा जमीन दी जाए ताकि मिलने वाली धनराशि से वह घर बना सके। बता दें कि वर्ष 2023 में पंडोह के पास सांबल नाले में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ था। संवाद