फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mandi News: आस्था, परंपरा और संस्कृति की साक्षी बना मंडी

विज्ञापन
अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव मंडी की दूसरी सांस्कृतिक संध्या का लुत्फ उठाते दर्शक। संवाद
विज्ञापन
मंडी। अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव के दूसरे दिन मंगलवार को छोटी काशी मंडी आस्था, परंपरा और संस्कृति के अद्भुत संगम का साक्षी बना। देव दर्शन शृंखला की नई व्यवस्था, देव समागम की दिव्यता, पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और लोक परंपराओं ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रूप से भावविभोर कर दिया। सुबह से लेकर देर रात तक पड्डल मैदान और शहर के विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मुख्य बाजार से लेकर पड्डल मैदान तक श्रद्धालुओं की आवाजाही और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
विज्ञापन

मंडी नगर अपने स्थापना के 500वें वर्ष में प्रवेश की ओर अग्रसर है और इस ऐतिहासिक पड़ाव से पहले आयोजित महाशिवरात्रि महोत्सव की गतिविधियां नगर की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को नई ऊर्जा प्रदान कर रही हैं। देव दर्शन शृंखला के तहत इस बार पड्डल मैदान में पैगोड़ा शैली में बनाए गए 90 टेंटों में देवी-देवताओं को विराजमान किया गया है।
महोत्सव के दौरान मंडयाली भाषा में गीता पाठ की प्रभावशाली प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को गहरे आध्यात्मिक भाव से जोड़ दिया। वहीं आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों ने समाज, संस्कृति और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित रचनाओं का पाठ किया।
विज्ञापन

हेरिटेज वॉक के दौरान प्रतिभागियों ने मंडी के विभिन्न प्राचीन और ऐतिहासिक मंदिरों का भ्रमण कर उनकी वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व की जानकारी प्राप्त की। वहीं शाम को आयोजित सांस्कृतिक संध्या में लोक कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य और संगीत प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया।
महोत्सव के दूसरे दिन की विविध धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों ने यह स्पष्ट कर दिया कि मंडी की महाशिवरात्रि केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उत्सव है, जो देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं को एक अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभव प्रदान कर रहा है।
विज्ञापन

0000
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें