सड़क हादसे में घायल विकास की पीजीआई में मौत के बाद दान कीं आंखें, भाई ने लिया सराहनीय फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मपुर (मंडी)। उपमंडल के डरवाड़ गांव निवासी 38 वर्षीय विकास उर्फ विक्कू की घर के नजदीक कार दुर्घटना में गंभीर रूप में होने के बाद 15 जून को पीजीआई में मौत हो गई। इससे उनके परिवार में हमेशा के लिए अंधेरा हो गया, लेकिन परिवार के लोगों विशेष तौर पर बड़े भाई केहर और उनके जीजा रवि कुमार ने मृतक की आंखें दान करने का निर्णय लिया, ताकि किसी दूसरे के जीवन में रोशनी आ सके। उन्हें ने अपने घर का चिराग बुझने के बाद भी दूसरों के घर में रोशनी कर दी। हालांकि इस हादसे में सात साल के बेटे नोनू-ऋतुल ने छोटी उम्र में ही पिता को खो दिया। साथ ही बड़ी बहन बबली, बड़े भाई केहर ने भी छोटे भाई तो मां शिवी ने बेटा और पत्नी इंदु ने पति खो दिया है। विक्कू की मौत से पूरा गांव शोकाकुल है। पूर्व जिला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक दुर्घटना के दिन घरवासड़ा गांव में गाड़ी लेकर गया था और वापसी पर अपने ही गांव के समीप दौंन मोड़ पर गाड़ी अनियंत्रित होकर खेतों में जा गिरी थी। हालांकि ग्रामीणों की मदद से घायल को टिहरा अस्पताल से जिला हमीरपुर और बाद में पीजीआई चंडीगढ़ पहुंचाया गया था, लेकिन विक्की दुर्घटना के समय से ही कोमा में चला गया था। डॉक्टरों की लाख कोशिशों के बाद भी उसकी जान नहीं बच पाई। इससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जब मृतक के 7 वर्षीय बेटे ने पिता को अग्नि दी तो हर किसी की आंखें नम थी। विक्की के निधन पर प्रधान रणजीत, उप प्रधान नरेंद्र, पंचायत समिति सदस्य चंपा, पंच यशवंत, सुरेश, रणबीर, बालकृष्ण, मोहन लाल, बीरबल, मान सिंह, अशोक, रामस्वरूप, केवल, डॉ. सन्नी, सागर चंद, भीखम राम, प्रेम सिंह, राजकुमार, विनोद, सम्राट युवक मंडल, महिला मंडल पदाधिकारियों ने शोक व्यक्त किया है और परिवारजनों के प्रति सहानुभूति जताई है।